उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़े एक बेहद संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि अगले दो महीनों में फॉर्म-6 के माध्यम से करीब 2 करोड़ नए मतदाताओं के नाम जोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है, जिस पर विपक्ष ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग और भाजपा सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की है।
विपक्ष का कहना है कि जब राज्य में Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया चल रही है, और खुद मुख्यमंत्री द्वारा करीब 3 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने की बात कही जा रही है, तो ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि फॉर्म-6 के जरिए 2 करोड़ नए मतदाता आखिर कहां से लाए जा रहे हैं?
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BLO पर दबाव का आरोप
मामले में यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) पर एक बार फिर दबाव बनाया जा रहा है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि जब SIR प्रक्रिया जारी है, तो फॉर्म-6 को लेकर अलग से दबाव क्यों डाला जा रहा है।
फोन कॉल और रिकॉर्डिंग का दावा
इस पूरे विवाद में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। विपक्ष ने दावा किया है कि इस सिलसिले में फोन कॉल कराए जा रहे हैं, और जिन लोगों के पास इन कॉल्स की रिकॉर्डिंग मौजूद है, उनसे देशहित में इन्हें सार्वजनिक करने की अपील की गई है, ताकि इस कथित लोकतांत्रिक गड़बड़ी में शामिल पूर्व और वर्तमान अधिकारियों की भूमिका उजागर हो सके।
फिलहाल इस पूरे मामले पर चुनाव आयोग या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह मुद्दा आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
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