नई दिल्ली।अगर आप समय पर अपने बिल, लोन और क्रेडिट कार्ड का भुगतान कर रहे हैं, फिर भी आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर नहीं हो रहा, तो आप अकेले नहीं हैं। कई लोग यह सोचते हैं कि समय पर पेमेंट करने मात्र से ही क्रेडिट स्कोर ऑटोमेटिक सुधर जाएगा, लेकिन ऐसा हर बार नहीं होता।
क्रेडिट रिपोर्टिंग एजेंसियों और फाइनेंस एक्सपर्ट्स के अनुसार, क्रेडिट स्कोर कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है और सिर्फ समय पर भुगतान करना ही पर्याप्त नहीं होता।
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क्रेडिट स्कोर सुधार में समय पर पेमेंट के अलावा क्या कारण हैं?
1) क्रेडिट लिमिट का सही उपयोग नहीं
आप अच्छी तरह समय पर भुगतान कर लें, लेकिन यदि आपकी क्रेडिट लिमिट का अत्यधिक उपयोग हो रहा है (जैसे 30-40% से ऊपर), तो यह क्रेडिट स्कोर पर नेगेटिव असर डाल सकता है।क्रेडिट लिमिट का कम उपयोग (30% से कम) रखने से स्कोर बेहतर होता है।
2) ओपन क्रेडिट अकाउंट्स का असर
जब तक पुराने क्रेडिट अकाउंट्स बंद नहीं होते, आपकी क्रेडिट हिस्ट्री की लंबाई नहीं बढ़ती।पुरानी हिस्ट्री आम तौर पर स्कोर को बेहतर बनाती है।अचानक पुराने खातों को बंद करना स्कोर को गिरा सकता है।
3) क्रेडिट मिक्स का अभाव
क्रेडिट स्कोर में डिफरेंट टाइप के क्रेडिट (जैसे लोन + क्रेडिट कार्ड) शामिल होने से स्कोर बेहतर हो सकता है। अगर आपने सिर्फ एक ही तरह का क्रेडिट लिया है, तो स्कोर उतनी तेजी से नहीं बढ़ेगा।
4) फ्रीक्वेंट क्रेडिट चेक
बार-बार क्रेडिट चेक या नई क्रेडिट लाइन अप्लाई करने से आपके स्कोर पर नेगेटिव इम्पैक्ट पड़ सकता है।अनावश्यक क्रेडिट जांच अधिक बार होने पर स्कोर घट सकता है।
5) डेटा अपडेटिंग में देरी
कभी-कभी लेन-देनों का विवरण क्रेडिट ब्यूरो तक सही समय पर अपडेट नहीं होता, जिससे स्कोर समय पर सुधार नहीं दिखता।इसलिए अगर आपका पेमेंट सही है, तो क्रेडिट रिपोर्ट को अपडेट कराना भी जरूरी होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर क्रेडिट मैनेजमेंट और सही रणनीति के साथ आपका स्कोर 6-12 महीनों में सुधारना शुरू हो सकता है।
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