शिकारपुर (बुलंदशहर)। तहसील क्षेत्र में कथित फर्जी फाइनेंसकर्मियों की दबंगई का एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव दरवेशपुर निवासी एक ग्रामीण ने आरोप लगाया है कि बुलंदशहर से अपने गांव लौटते समय कुछ लोगों ने उसे रास्ते में घेर लिया, हथियार दिखाकर धमकाया और उसकी बाइक के साथ उसमें रखा करीब 20 हजार रुपये नकद व अन्य सामान लेकर फरार हो गए।
पीड़ित ने मामले में पुलिस को लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
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तीन बाइक पर आए छह लोगों ने रास्ते में रोका
पीड़ित नौसाह पुत्र जैजी, निवासी गांव दरवेशपुर, के अनुसार वह अपनी ससुराल बुलंदशहर से वापस अपने गांव लौट रहे थे। आरोप है कि स्थाना अड्डे से आगे तीन मोटरसाइकिलों पर सवार करीब छह लोगों ने उनकी बाइक के आगे अपने वाहन लगाकर उन्हें जबरन रोक लिया।
नौसाह का आरोप है कि आरोपियों में से एक व्यक्ति ने उनकी कमर पर पिस्टल सटा दी और जान से मारने की धमकी दी।
धमकी देकर बनवाया वीडियो, बाइक छीनने का आरोप
पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने कथित तौर पर दबाव बनाकर उनसे अपनी मर्जी के अनुसार बयान बुलवाया और उसका वीडियो भी बनाया। इसके बाद उनके साथ बदसलूकी की गई।
नौसाह का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और उनकी मोटरसाइकिल जबरन छीन ली।
बाइक के थैले में रखे थे 20 हजार रुपये
पीड़ित ने बताया कि बारिश के कारण उन्होंने बाइक के थैले में करीब 20 हजार रुपये नकद और कुछ जरूरी सामान रखा हुआ था। आरोप है कि आरोपी बाइक के साथ नकदी और सामान भी लेकर फरार हो गए।
पीड़ित के मुताबिक, उन्होंने आरोपियों से बाइक छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। शोर-शराबा होने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचने लगे, जिसके बाद आरोपी बाइक लेकर वहां से फरार हो गए।
पुलिस फैंटम पर संरक्षण देने के गंभीर आरोप
घटना के बाद पीड़ित ने संबंधित कोतवाली में लिखित तहरीर देकर आरोपियों और कथित फर्जी फाइनेंसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित ने नगर कोतवाली की फैंटम पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि कथित फर्जी फाइनेंसकर्मी पुलिस के संरक्षण में इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में पहले भी कथित फाइनेंसकर्मियों द्वारा वाहन रोकने और पैसे लेने से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं।
पुलिस अधिकारियों से मांगा गया जवाब
इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों ने देहात और नगर क्षेत्र की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामले में संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका।
नोट: पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही घटना के सभी तथ्यों और आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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