बिहार हिजाब विवाद: डॉ. नुसरत प्रवीण को मानसिक तनाव के चलते काम पर लौटने से छुट्टी, परिवार ने जताया दुख
पटना: बिहार के हिजाब विवाद से जुड़े हालिया घटनाक्रम में एक नया मोड़ आया है। विवाद के बीच शामिल डॉक्टर नुसरत प्रवीण को मानसिक और भावनात्मक तनाव (Trauma) के कारण अपना कार्यभार फिर से संभालने में कठिनाई हो रही है। नुसरत प्रवीण ने स्पष्ट किया है कि वह अभी काम पर नहीं लौटेंगी क्योंकि विवाद में उनके ऊपर पड़े दबाव और तनाव ने उन्हें गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
उनके परिवार ने भी बताया कि इस तरह की स्थिति ने नुसरत की मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाला है और फिलहाल वह शांत वातावरण में पहुंचकर बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में काम करना चाहती हैं।
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क्या कहा नुसरत प्रवीण ने?
नुसरत ने कहा कि
हिजाब विवाद के कारण उन्हें भावनात्मक और मानसिक तनाव हुआ है
वर्तमान में वह आत्म-देखभाल और स्वास्थ्य सुधार पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं
इस तनाव के बीच कार्य पर लौटना उनके लिए कठिन है
उनका यह निर्णय आत्म-संरक्षण और स्वास्थ्य प्राथमिकता रखने की भावना से लिया गया बताया जा रहा है।
परिवार का बयान
नुसरत प्रवीण के परिवार ने मीडिया से कहा कि
तनाव की स्थिति को गंभीरता से लिया जाना चाहिए
वर्तमान में नुसरत का स्वास्थ्य स्थिर करने के लिए समय आवश्यक है
वह जल्द स्वस्थ होकर काम पर लौटने की उम्मीद रखती हैं
परिवार की ओर से यह भी कहा गया कि सामाजिक और राजनीतिक तनाव के बीच किसी व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होना स्वाभाविक है और उन्हें इसका समय दिया जाना चाहिए।
बिहार हिजाब विवाद का परिप्रेक्ष्य
बिहार में हिजाब विवाद ने पिछले दिनों राजनीतिक, शैक्षणिक और सामाजिक बहस को बढ़ावा दिया है। इस बीच नुसरत प्रवीण का नाम भी चर्चा में रहा, जिस पर कई राजनीतिक और सामाजिक समूहों ने अपनी राय व्यक्त की है। अब उनकी मानसिक स्थिति और काम पर न लौटने के निर्णय ने इस मुद्दे को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी तनावग्रस्त व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए समय देना और समर्थन करना बेहद आवश्यक है।
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