इज़राइल चुनाव में अरब पार्टियों को मिलने वाले 19 सीटों का अनुमान और राजनीति पर असर
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इज़राइल में 27 अक्टूबर को हुए संसदीय चुनाव ने राजनीतिक माहौल को तीव्र कर दिया है। शुरुआती एग्जिट पोल के आंकड़ों के अनुसार, अरब पार्टियों को कुल 19 सीटें मिलने की संभावना है, जिससे नेसेट (120 सीटों वाला संसद) में उनकी ताकत में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस परिणाम से सरकार बनाना दोनों प्रमुख गठबंधनों – बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड और गादी आइज़ेनकोट की याशर – के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
मुख्य आंकड़े और प्रारंभिक अनुमान
एग्जिट पोल के अनुसार, अब तक 41.9 प्रतिशत वोटों की गिनती हो चुकी है। इस चरण में लिकुड गठबंधन को 57 सीटें, और याशर गठबंधन को 47 सीटें मिलने का अनुमान है। अरब पार्टियों के दो प्रमुख गठबंधनों – जॉइंट लिस्ट (यूनाइटेड अरब लिस्ट) और राम पार्टी – को मिलाकर 19 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो अरब दलों की सामूहिक शक्ति नेसेट में लगभग एक-तिहाई से अधिक सीटें रखेगी।
अरब पार्टियों की संभावित भूमिका
नेतन्याहू या आइज़ेनकोट के किसी भी गठबंधन को बहुमत (61 सीटें) हासिल करने के लिए अतिरिक्त दलों का समर्थन चाहिए। इस संदर्भ में अरब पार्टियों का समर्थन या उनके गठबंधन में शामिल होना सरकार बनाने की राह को आसान बना सकता है। अल जज़ीरा की 28 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, जॉइंट लिस्ट को 9 प्रतिशत से अधिक वोट मिल रहे हैं, जो एक-तिहाई से अधिक कुल वोटों के बाद आया है।
अरब समुदाय की मतदान प्रवृत्ति
इज़राइल में अरब मूल के नागरिक, जिनमें फिलिस्तीनी मूल के मुसलमान, ईसाई और अन्य समुदाय शामिल हैं, ने इस चुनाव में उच्च मतदान दर दिखाई। शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया है कि अरब समुदाय में मतदान दर लगभग 80 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो 1999 के बाद से सबसे अधिक है। यह उच्च भागीदारी उनके अधिकारों, समान अवसरों और सरकारी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को उजागर करने की इच्छा को दर्शाती है।
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सरकार बनाना: संभावित परिदृश्य
यदि लिकुड को 57 और याशर को 47 सीटें मिलती हैं, तो दोनों को 61 की बहुमत सीमा तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समर्थन चाहिए। अरब पार्टियों के 19 सीटों के अनुमान को देखते हुए, दो संभावित परिदृश्य उभरते हैं:
- नेतन्याहू का गठबंधन – यदि लिकुड अरब पार्टियों या अन्य छोटे दलों से समर्थन प्राप्त करता है, तो वह बहुमत हासिल कर सकता है।
- विपक्षी गठबंधन – गादी आइज़ेनकोट के याशर को भी समान समर्थन की आवश्यकता होगी, और यदि वह अरब पार्टियों के साथ गठबंधन बनाता है, तो वह भी सरकार का गठन कर सकता है।
अंततः, अरब पार्टियों की भूमिका इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों प्रमुख गठबंधन उन्हें सरकार में शामिल करने या बाहर से उनका समर्थन लेने के लिए तैयार हैं या नहीं।
निष्कर्ष
इज़राइल के इस चुनाव में अरब पार्टियों को मिलने वाले 19 सीटों का अनुमान राजनीतिक संतुलन को बदल सकता है। दोनों प्रमुख गठबंधन को बहुमत हासिल करने के लिए अब अरब दलों के समर्थन की आवश्यकता स्पष्ट हो गई है। अंतिम परिणामों की प्रतीक्षा जारी है, लेकिन यह स्पष्ट है कि इस बार अरब समुदाय की उच्च मतदान भागीदारी और संभावित सीटों की संख्या ने इज़राइल की राजनीति में नई गतिशीलता पैदा कर दी है।




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