BRICS संसदीय मंच ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की, पहलगाम हमले को किया उजागर
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दिल्ली में 26 और 27 अक्टूबर को आयोजित 12वें BRICS संसदीय मंच ने आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की और 22 अप्रैल 2025 को जम्मू‑कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को “भयानक” कहा। इस हमले में 26 लोगों की मौत और कई घायल हुए थे। मंच ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नज़रअंदाज़ नहीं किया और आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति को दोहराया।
मुख्य बातें
- BRICS देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की और पहलगाम हमले की कड़ी शब्दों में निंदा की।
- हमें 26 मौतें और कई घायल हुए, यह तथ्य मंच के संयुक्त बयान में स्पष्ट किया गया।
- सभी सदस्य देशों ने सीमा‑पार आतंकवाद, फंडिंग और सुरक्षित ठिकानों की आपूर्ति को रोकने के लिए सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार, बहुपक्षीय सहयोग और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मजबूत करने की मांग दोहराई गई।
- AI, डिजिटल तकनीक और जलवायु परिवर्तन पर सतत विकास के लिए सहयोग के कई बिंदु तय किए गए।
BRICS संसदीय मंच का व्यापक एजेंडा
इस मंच में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के संसदीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 2026 में भारत की अध्यक्षता के तहत लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास को थीम बनाया गया। मंच ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की सफलता और नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन को सराहा।
सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
सुरक्षा के क्षेत्र में सदस्य देशों ने राजनीतिक, आर्थिक, वित्तीय और सांस्कृतिक सहयोग को गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और मानवीय कानून के पालन पर ज़ोर दिया, साथ ही नागरिक बुनियादी ढाँचे पर जानबूझकर हमलों की कड़ी निंदा की।
सतत विकास और जलवायु परिवर्तन
BRICS ने 2030 तक के सतत विकास लक्ष्यों को लागू करने और उसके बाद के विकास एजेंडे को तैयार करने में सहयोग का संकल्प लिया। जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वित्तीय सहायता, तकनीक हस्तांतरण और क्षमता निर्माण की मांग की गई।
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डिजिटल तकनीक और AI
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को आर्थिक विकास के नए अवसर के रूप में पहचाना गया। मंच ने AI के सुरक्षित, समावेशी और भरोसेमंद उपयोग, डेटा सुरक्षा, निजता और डिजिटल संप्रभुता को प्राथमिकता देने की बात कही। संसदों के कामकाज में AI और डिजिटल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए साझा रिपॉजिटरी और पायलट प्रोजेक्ट्स की योजना बनाई गई।
UN सुधार और बहुपक्षीयता
सभी सदस्य देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित वैश्विक शासन व्यवस्था को अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण, लोकतांत्रिक और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विकासशील देशों की आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय फैसलों में उचित स्थान देने की मांग दोहराई।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाइयों से बचने, नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और संवाद‑कूटनीति के माध्यम से स्थायी शांति की दिशा में प्रयास करने की अपील की गई। साथ ही एकतरफा प्रतिबंधों और सेकेंडरी सैंक्शंस के खिलाफ भी आवाज़ उठाई गई।
आगे का रास्ता
BRICS ने आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने, UN सुधार को तेज करने और सतत विकास के लिए तकनीकी साझेदारी को बढ़ाने का संकल्प लिया। मंच ने कहा कि इन प्रतिबद्धताओं को लागू करने के लिए नियमित अंतर‑संसदीय संवाद, प्रशिक्षण और अनुभव साझा करना आवश्यक होगा। अगला BRICS संसदीय मंच 2027 में चीन की अध्यक्षता में आयोजित होगा।




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