संभल में गंगा एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस का भीषण हादसा, 150 सवार, 20 से अधिक घायल
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उत्तरी प्रदेश के संभल जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर बुधवार सुबह एक स्लीपर बस का पलटना कई यात्रियों को घायल कर गया। लगभग 150 लोगों की सवारी वाली यह बस, दिवाली के अवसर पर अपने घर‑बिहार लौट रही थी। घटना के बाद स्थानीय पुलिस, एम्बुलेंस और क्रेन सहित कई सहायता इकाइयों ने तुरंत कार्रवाई की।
घटना का विवरण
पवांसा इलाके के पास बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में सवार यात्रियों ने बताया कि अचानक बस की गति घटने के साथ ही वह झुकी और फिर उलट गई। पलटते ही हाईवे पर चीख‑पुकार और सामान बिखर गया। कई यात्रियों को हाईवे किनारे बैठते देखा गया, जबकि टूटे शीशे और बिखरे सामान सड़क पर फैले हुए थे।
घायल और बचाव कार्य
स्थानीय पुलिस को सूचना मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंची। घायल यात्रियों को एम्बुलेंस द्वारा नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 20 से अधिक लोग घायल हुए, लेकिन चोटों की गंभीरता अभी स्पष्ट नहीं हुई है। बचाव कार्य में मदद के लिए क्रेन भी मंगाई गई, जिससे उलटी बस को उठाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
यात्रियों के आरोप
घटना के बाद कई यात्रियों ने बस चालक की लापरवाही और क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाने का आरोप लगाया।
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- ड्राइवर की झपकी: बिहार के अररिया निवासी अखिलेश कुमार ने बताया कि बस चलाते समय ड्राइवर को नींद की झपकी आ गई, जिससे बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह दावा अभी तक पुलिस द्वारा पुष्टि नहीं हुआ है।
- क्षमता से अधिक सवारियां: पटियाला से बिहार के दरभंगा जा रही बस में लगभग 150 लोग सवार थे, जबकि बस की निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियों की संभावना जताई गई। आधिकारिक तौर पर बस की क्षमता या वास्तविक सवारियों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस की जांच
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना की सटीक वजह जानने के लिए फोरेंसिक जांच जारी है। ड्राइवर की नींद, बस की ओवरलोडिंग या तकनीकी खराबी में से कौन-सी वजह प्रमुख होगी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
मुख्य बातें
- गंगा एक्सप्रेसवे पर पवांसा के पास स्लीपर बस पलटी।
- बस में लगभग 150 सवार, 20 से अधिक घायल।
- यात्रियों ने ड्राइवर की झपकी और क्षमता से अधिक सवारियों का आरोप लगाया।
- पुलिस ने फोरेंसिक जांच शुरू की, आधिकारिक कारण अभी अनिश्चित।
- सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, चोटों की गंभीरता अभी ज्ञात नहीं।
भविष्य में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता
इस हादसे ने हाईवे पर ओवरलोडेड बसों और ड्राइवर की थकान के जोखिम को फिर से उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्लीपर बसों के लिए सख्त क्षमता नियंत्रण, ड्राइवरों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और रात के समय में अतिरिक्त विश्राम सुविधाएँ अनिवार्य होनी चाहिए।
घटना के बाद राज्य सरकार ने भी इस दिशा में कदम उठाने की बात कही है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।




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