चक्रवात ‘अर्नब’ का महासंकट: लैंडफॉल से पहले समुद्र का पानी गांव में घुसा, अलर्ट जारी
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दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में चक्रवात ‘अर्नब’ ने अपनी तीव्र गति से आंध्र प्रदेश के तट को पार किया, लैंडफॉल की प्रक्रिया रात 1:20 बजे शुरू हुई। बाहरी स्पाइरल बैंड पहले ही तटीय जमीन से टकरा चुका है, जिससे समुद्र की लहरें 1‑2 मीटर ऊँची हो गईं और यनाम के सावित्री नगर सहित कई निचले इलाकों में जलभराव हुआ।
भारी हवाएँ और तेज़ लहरें
आंध्र प्रदेश के पुडुचेरी के यनाम क्षेत्र के करीब, काकीनाडा‑नरसपुर के बीच चक्रवात ने 125‑135 किमी/घंटा की तेज़ हवाएँ चलायीं, जो 150 किमी/घंटा तक बढ़ने की संभावना है। तमिलनाडु के एन्नोर तट और चेन्नई में भी समुद्र में उथल‑पुथल देखी गई।
प्रभावित राज्य और अलर्ट
आंध्र प्रदेश के 28 स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश और 133 स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा और राजमुंदरी हवाई अड्डों पर सभी उड़ानों को सस्पेंड कर दिया गया, और 90 से अधिक ट्रेनें रद्द की गईं।
आगामी प्रभाव
आंध्र को पार करने के बाद भी चक्रवात का असर ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में जारी रहेगा। 29‑30 अक्टूबर को इन क्षेत्रों में भारी बारिश, तेज हवाएँ और गरज‑चमक के अलर्ट जारी किए गए हैं।
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सरकारी कार्रवाई और राहत कार्य
सरकार ने तटीय इलाकों से लगभग 89,000‑90,000 लोगों को सुरक्षित निकालकर 290 राहत शिविरों में पहुंचाया। प्रभावित जिलों में स्कूल‑कॉलेजों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की दर्जनों टीमें, साथ ही सेना और नौसेना को अलर्ट पर रखा गया है।
राजनीतिक नेतृत्व
केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने सोशल मीडिया पर बताया कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में सरकार नागरिकों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। उन्होंने जनता से सतर्क रहने और सरकारी दिशा‑निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की।
स्थानीय प्रतिक्रिया
पुडुचेरी के मंत्री मल्लादी कृष्ण राव ने यनाम के सावित्री नगर का दौरा किया, बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित निवासियों से बातचीत की।
- चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश के तट पर लैंडफॉल शुरू किया।
- समुद्र की लहरों ने यनाम के कई गांवों में 1‑2 मीटर ऊँची जलभराव किया।
- 125‑150 किमी/घंटा की तेज़ हवाएँ चल रही हैं।
- आंध्र में 28 स्थानों पर अत्यधिक भारी, 133 स्थानों पर भारी बारिश दर्ज।
- रेड अलर्ट, हवाई अड्डों पर उड़ानों का सस्पेंड, 90+ ट्रेनें रद्द।
- 90,000 लोगों को 290 राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया।
- एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और नौसेना को अलर्ट पर तैनात।
- ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तर प्रदेश में 29‑30 अक्टूबर को भी भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी।




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