इज़राइल चुनाव में नेतन्याहू को झटका: एग्जिट पोल दिखाते हैं विपक्षी गठबंधन आगे
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इज़राइल के आम चुनाव के एग्जिट पोल ने बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के लिए चिंताजनक संकेत दिखाए हैं। तीन प्रमुख ब्रॉडकास्टर्स के अनुमान के अनुसार, पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को सत्ताधारी गठबंधन से अधिक सीटें मिलने की संभावना है, जिससे बहुमत हासिल करना कठिन हो सकता है।
एग्जिट पोल के प्रमुख आंकड़े
चैनल 13, चैनल 12 और सार्वजनिक ब्रॉडकास्टर ‘कान’ (Kan) के एग्जिट पोल ने 120 सदस्यीय नेसेट में संभावित सीटों का वितरण इस प्रकार बताया:
- लिकुड (नेतन्याहू) – 50 सीटें (बहुमत के लिए आवश्यक 61 से कम)
- विपक्षी गठबंधन (आइसेनकोट की यशार) – 52‑53 सीटें
- अरब‑नेतृत्व वाली पार्टियां – 17‑18 सीटें
i24NEWS के एक अलग एग्जिट पोल में लिकुड को 55 सीटें, जबकि विपक्षी गठबंधन को 49 सीटें मिलने का अनुमान है। अरब पार्टियों को 16 सीटें मिलने की संभावना बताई गई।
पार्टी‑वार अनुमान
विभिन्न चैनलों के अनुमान इस प्रकार हैं:
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- चैनल 13: लिकुड 25, यशार 23, जॉइंट लिस्ट 10, राआम 7, अरब‑पार्टियां 17
- चैनल 12: लिकुड 24, यशार 22, जॉइंट लिस्ट 11, राआम 7, अरब‑पार्टियां 18
- कान: लिकुड 25, यशार 21, जॉइंट लिस्ट 10, राआम 7, अरब‑पार्टियां 17
- i24NEWS: लिकुड 27, यशार 20, अरब‑पार्टियां 16
मुख्य बातें
- वोटर टर्नआउट 77.7 % – 1999 के बाद सबसे अधिक
- लिकुड को 50‑55 सीटें, बहुमत के लिए 61 चाहिए
- विपक्षी गठबंधन को 49‑53 सीटें, संभावित प्रमुख गुट
- अरब‑नेतृत्व वाली पार्टियों को 16‑18 सीटें, गठबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका
- अंतिम गिनती 30 अक्टूबर, आधिकारिक परिणाम 4 नवंबर
- सरकार बनाने के लिए 42 दिन का गठबंधन समय, न मिल पाए तो दोबारा चुनाव की संभावना
वोटर सहभागिता और मतदान प्रवृत्ति
केंद्रीय चुनाव समिति के आंकड़ों के अनुसार, 77.7 % मतदाताओं ने अपना वोट डाला, जो 2022 के मुकाबले 7.1 % अधिक और 1999 के बाद का सर्वाधिक टर्नआउट है। यह उच्च भागीदारी इज़राइल की आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत विभिन्न पार्टियों को सीटें मिलने की संभावनाओं को और जटिल बनाती है।
सरकार बनाने की संभावनाएँ
एग्जिट पोल के विविध अनुमान दर्शाते हैं कि किसी भी गुट के लिए स्पष्ट बहुमत बनाना आसान नहीं है। लिकुड अकेले 61 सीटों तक नहीं पहुँच पाती, जबकि विपक्षी गठबंधन को भी अतिरिक्त सहयोगियों की जरूरत होगी। अरब‑नेतृत्व वाली पार्टियों का समर्थन या विश्वास मत में उनका वोट न देना, गठबंधन की दिशा को प्रभावित कर सकता है। दोनों प्रमुख नेताओं – नेतन्याहू और आइसेनकोट – ने अरब पार्टियों के साथ औपचारिक साझेदारी को खारिज किया है, जिससे गठबंधन वार्ता और जटिल हो सकती है।
भविष्य की संभावनाएँ
यदि नेतन्याहू का गठबंधन बहुमत नहीं बना पाता, तो वह विपक्षी गठबंधन को सरकार बनाने का अवसर दे सकता है, या फिर दोबारा चुनाव की राह चुन सकता है। राष्ट्रीय एकता सरकार की संभावना भी कम है, क्योंकि दोनों नेताओं के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं और आइसेनकोट ने स्पष्ट रूप से गठबंधन से इनकार किया है।
आधिकारिक परिणाम और प्रक्रिया
केंद्रीय चुनाव समिति ने वोटों की गिनती शुरू कर दी है और 30 अक्टूबर तक इसे पूरा करने की उम्मीद है। आधिकारिक परिणाम 4 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। परिणामों के बाद, राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग संभावित गठबंधन बनाने वाले सांसद को नियुक्त करेंगे, जिसे 42 दिन में 61 सांसदों का समर्थन जुटाना होगा। यदि कोई भी उम्मीदवार सफल नहीं होता, तो फिर से चुनाव कराना पड़ सकता है, जबकि मौजूदा सरकार कार्यवाहक (caretaker) के रूप में कार्य करती रहेगी।




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