वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की सुसाइड मिस्ट्री: पोस्टमार्टम रिपोर्ट और नई CCTV फुटेज ने उठाए सवाल
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वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण, जिन्हें दीपक लोधी के नाम से भी जाना जाता है, की 25 सितंबर को गुरु कृपाकुंज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर हुई मृत्यु ने एक रहस्यमय मामला पैदा कर दिया है। प्रारम्भिक जांच और उपलब्ध CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने इसे आत्महत्या माना, परन्तु परिवार ने इस निष्कर्ष को अस्वीकार कर यूपी सरकार से सीबीआई जांच की मांग की है।
घटना का क्रम
25 सितंबर को दीपक लोधी को गुरु कृपाकुंज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरते हुए पाया गया। पुलिस ने तुरंत स्थल पर फोरेंसिक जांच शुरू की और उपलब्ध सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को देखा, जिसमें शरण को नीचे गिरते हुए दिखाया गया। इस आधार पर पुलिस ने प्रारम्भिक रूप से आत्महत्या का अनुमान लगाया।
परिवार की प्रतिक्रिया और सीबीआई की मांग
घटना के छह दिन बाद भी परिवार ने शरण की आत्महत्या की संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि शरण का मानसिक स्थिति और व्यवहार इस तरह की कार्रवाई को दर्शाता नहीं है। इस कारण, परिवार ने उत्तर प्रदेश सरकार से सीबीआई को इस मामले में शामिल करने की मांग की, ताकि एक निष्पक्ष और गहन जांच हो सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु
29 सितंबर को जारी हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कई ऐसे बिंदु उजागर किए जो प्रारम्भिक निष्कर्ष को चुनौती देते हैं। रिपोर्ट में उल्लेख है कि शारीरिक चोटों के पैटर्न, रक्तस्राव की मात्रा और शरीर की स्थिति से यह स्पष्ट नहीं होता कि गिरावट स्वैच्छिक थी। साथ ही, रिपोर्ट ने कुछ अनसुलझे प्रश्न भी छोड़े हैं, जैसे कि गिरते समय शरण की स्थिति और संभावित बाहरी दबाव।
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नई CCTV फुटेज और अतिरिक्त साक्ष्य
परिवार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अतिरिक्त CCTV फुटेज भी प्रस्तुत किया, जिसमें गिरावट से पहले शरण के आसपास कुछ अज्ञात व्यक्तियों की उपस्थिति दर्ज की गई। यह फुटेज अभी तक पुलिस द्वारा आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किया गया है, परन्तु इसने मामले में नई जटिलता जोड़ दी है।
मुख्य बातें
- 25 सितंबर को गुरु कृपाकुंज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से दीपक लोधी की मृत्यु हुई।
- प्रारम्भिक जांच में पुलिस ने आत्महत्या का अनुमान लगाया, CCTV फुटेज के आधार पर।
- परिवार ने आत्महत्या को अस्वीकार कर सीबीआई जांच की मांग की।
- 29 सितंबर को जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई अनसुलझे बिंदु उजागर हुए।
- परिवार ने नई CCTV फुटेज प्रस्तुत की, जिसमें अज्ञात व्यक्तियों की उपस्थिति दर्ज है।
आगे की संभावनाएँ
यदि उत्तर प्रदेश सरकार सीबीआई को शामिल करती है, तो यह जांच अधिक विस्तृत फोरेंसिक परीक्षण, डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के बयान पर केंद्रित होगी। इस बीच, स्थानीय मीडिया और सामाजिक मंचों पर इस मामले को लेकर चर्चा तेज़ी से बढ़ रही है, और जनता से पारदर्शी जांच की उम्मीद की जा रही है।
वर्तमान में कोई आधिकारिक अपडेट नहीं आया है कि सीबीआई जांच कब शुरू होगी या किस चरण में है। परिवार और समर्थक इस बात की आशा कर रहे हैं कि आगे की जांच में सभी संभावित पहलुओं को उजागर किया जाएगा, जिससे इस रहस्यमय मौत का सच्चा कारण स्पष्ट हो सके।




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