NCTE ने ITEP ग्रेजुएट्स के लिए CTET‑STET एलिजिबिलिटी में बदलाव की प्रस्तावित योजना
3 मिनट में पढ़ें

नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) ने इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) के ग्रेजुएट्स को सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) और स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (STET) में बैठने की अनुमति देने के लिए मौजूदा एलिजिबिलिटी मानदंडों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इस दिशा में एक विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया गया है, जिसका काम मौजूदा दिशा‑निर्देशों की समीक्षा और आवश्यक संशोधनों का सुझाव देना है।
ITEP क्या है?
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किया गया इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) एक चार‑साल का ग्रेजुएशन कोर्स है, जिसे 12वीं पास करने के बाद किया जा सकता है। यह कोर्स दो‑साल के बीएड के समकक्ष माना जाता है, परन्तु इसमें अधिक गहन शैक्षणिक और प्रायोगिक प्रशिक्षण शामिल है। वर्तमान में 409 हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स को ITEP चलाने की मान्यता मिली है, जिनके 777 यूनिट्स के माध्यम से लगभग 38,850 छात्रों को प्रवेश दिया जा सकता है। NCTE ने इस कोर्स को शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स के रूप में मान्यता दी है, परन्तु अभी तक इसे CTET और STET की एलिजिबिलिटी में शामिल नहीं किया गया है।
कमेटी का गठन और संरचना
NCTE ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए एक विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया है। कमेटी का नेतृत्व डीयू सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन (CIE) के पूर्व प्रमुख, प्रोफेसर चंद किरण सलूजा करेंगे। इसमें NCERT, KVS, शिक्षा मंत्रालय, NCTE और CBSE के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। यह बहु‑संस्थागत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करता है कि प्रस्तावित बदलाव सभी संबंधित पक्षों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएँ।
कमेटी के कार्यक्षेत्र
कमेटी के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
आपके लिए संबंधित खबरें
- CTET और STET के मौजूदा एलिजिबिलिटी मानदंडों की विस्तृत समीक्षा।
- ITEP ग्रेजुएट्स को इन परीक्षाओं में बैठने की अनुमति देने हेतु आवश्यक संशोधनों का प्रस्ताव।
- CTET (CBSE द्वारा आयोजित) और STET (राज्य सरकारों द्वारा आयोजित) के प्रावधानों में ITEP के अनुरूप बदलावों की सिफारिश।
- भविष्य में ITEP को एक मान्य शिक्षक पात्रता कोर्स के रूप में स्थापित करने के लिए नीति‑स्तर पर सुझाव देना।
प्रस्तावित बदलावों के मुख्य बिंदु
- ITEP ग्रेजुएट्स को CTET और STET दोनों में बैठने की अनुमति।
- एलिजिबिलिटी मानदंडों में ITEP को बीएड के समकक्ष मान्यता देना।
- CTET के आयोजन में CBSE की भूमिका और STET के आयोजन में राज्य सरकारों की भूमिका को बरकरार रखते हुए, परीक्षा पात्रता में समानता लाना।
- भविष्य में ITEP के प्रथम बैच (अकादमिक सत्र 2027‑28) के पास‑आउट होने के बाद तुरंत इन बदलावों को लागू करने की योजना।
मुख्य बातें
- नया प्रस्ताव ITEP ग्रेजुएट्स को CTET‑STET में बैठने की सुविधा देगा।
- कमेटी में प्रो. चंद किरण सलूजा (अध्यक्ष) के साथ NCERT, KVS, शिक्षा मंत्रालय, NCTE, CBSE के प्रतिनिधि शामिल हैं।
- प्रस्तावित बदलावों में ITEP को बीएड के समकक्ष मान्यता देना शामिल है।
- पहला ITEP बैच 2027‑28 में पास‑आउट होगा, जिससे जल्द ही बदलावों का प्रभाव देखेगा।
आगे का रास्ता
कमेटी द्वारा तैयार किए गए सुझावों को NCTE के उच्च स्तर पर समीक्षा के बाद आधिकारिक दिशा‑निर्देशों में परिवर्तित किया जाएगा। यदि प्रस्तावित बदलाव स्वीकृत होते हैं, तो ITEP ग्रेजुएट्स को अब शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में समान अवसर मिलेगा, जिससे शिक्षक प्रशिक्षण के नए मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल सकेगी। इस पहल से न केवल ITEP के छात्रों को लाभ होगा, बल्कि भारत में शिक्षक गुणवत्ता को भी सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




टिप्पणियाँ
0