इंदौर में ड्रिंक‑एंड‑ड्राइव जांच पर व्यापारी ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप, सीएम हेल्पलाइन पर की शिकायत
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इंदौर के छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में ड्रिंक‑एंड‑ड्राइव जांच के दौरान एक व्यापारी ने पुलिस की कार्यवाही को लेकर सवाल उठाए। व्यापारी ने कहा कि वह शराब नहीं पी रहा था, फिर भी पुलिस ने तीन बार ब्रीथ एनालाइज़र से नकारात्मक परिणाम मिलने के बाद भी 10,000 रुपये का चालान काटा और दुर्व्यवहार किया। इस घटना ने सोशल मीडिया पर चर्चा को जन्म दिया और व्यापारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
घटना का विवरण
इंदौर के लोकमान्य नगर, छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में रहने वाले सचिन सिसोदिया, जो मशीन मैन्युफैक्चरिंग का काम करते हैं, सोमवार को गुजरात के गांधी नगर से इंदौर लौट रहे थे। उनके साथ रंजीत नाम का एक साथी भी कार में था। इंदौर पहुंचते ही ड्रिंक‑एंड‑ड्राइव चेकिंग कर रही पुलिस ने उनकी कार रोक ली।
तीन बार ब्रीथ टेस्ट, सभी नकारात्मक
पुलिस ने पहले सचिन को ब्रीथ एनालाइज़र से जांचा। मशीन ने तीन बार शराब की उपस्थिति नहीं पाई। जांच के दौरान नोज़ल भी बदला गया, पर परिणाम हर बार नकारात्मक रहा। इसके बाद पुलिस ने कार में बैठे रंजीत की जांच की। रंजीत के तीन टेस्ट सभी में अल्कोहल पॉजिटिव आया।
ड्राइवर का लेबल और चालान
सचिन का दावा है कि रंजीत के पॉजिटिव परिणाम के बाद भी पुलिस ने रंजीत को ड्राइवर नहीं माना, बल्कि सचिन को ही ड्राइवर बताकर 10,000 रुपये का चालान काटा। व्यापारी ने कहा कि उसने इस निर्णय को चुनौती दी, पर पुलिस ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया।
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व्यापारी का प्रतिवाद और शिकायत
सचिन सिसोदिया ने पुलिस के इस कदम को अनुचित कहा और कहा कि उसने तुरंत ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही, उसने पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा की, जिससे सार्वजनिक प्रतिक्रिया तेज़ हो गई।
पुलिस का बयान
छत्रीपुरा थाना के टीआई संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि ड्रिंक‑एंड‑ड्राइव कार्रवाई के दौरान पुलिस वाहन चालक की जांच करती है। उन्होंने कहा कि सचिन को कार चलाते हुए रोका गया था, जबकि साथ में बैठे रंजीत को ड्राइवर नहीं माना गया। पुलिस ने कहा कि पूरी कार्रवाई नियमानुसार की गई है और चालान भी नियमों के तहत लगाया गया।
मुख्य सवाल
यदि सचिन के तीन टेस्ट नकारात्मक रहे और रंजीत के टेस्ट पॉजिटिव, तो चालान किस आधार पर काटा गया? क्या पुलिस ने नियमों के अनुसार ड्राइवर की पहचान की? इन प्रश्नों के उत्तर के बिना मामला विवादित बना हुआ है।
मुख्य बातें
- इंदौर में ड्रिंक‑एंड‑ड्राइव चेकिंग के दौरान व्यापारी सचिन सिसोदिया को तीन बार नकारात्मक ब्रीथ टेस्ट मिला।
- साथी रंजीत के तीन टेस्ट पॉजिटिव आए, पर पुलिस ने रंजीत को ड्राइवर नहीं माना।
- पुलिस ने सचिन को 10,000 रुपये का चालान काटा और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया गया।
- सचिन ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया।
- पुलिस ने कहा कि कार्रवाई नियमों के अनुसार की गई और ड्राइवर की पहचान सही थी।
आगे की संभावनाएँ
वर्तमान में मामला पुलिस जांच और व्यापारी की शिकायत के बीच टकराव में है। यदि व्यापारी की शिकायत को मान्यता मिलती है, तो कार्रवाई की वैधता पर पुनर्विचार हो सकता है। वहीं, पुलिस के बयान के आधार पर यदि कोई प्रक्रिया त्रुटि नहीं पाई गई, तो चालान वैध माना जा सकता है। इस विवाद का परिणाम इंदौर में ड्रिंक‑एंड‑ड्राइव जांच के प्रोटोकॉल पर भी असर डाल सकता है।




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