पवन खेड़ा ने ट्रम्प‑ज्ञानेश कुमार तंज पर किया तीखा हमला, राजस्थान सरकार को ‘पर्ची वाला’ कहा
3 मिनट में पढ़ें

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की हार को लेकर सीईसी ज्ञानेश कुमार पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि अगर ट्रम्प ने ज्ञानेश कुमार को कुछ दिन अमेरिका ले जाकर साथ रखा होता तो वह मध्य‑वर्षीय चुनाव जीत जाता। इस बयान के साथ ही उन्होंने राजस्थान सरकार पर भी कड़ी आलोचना की, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ‘पर्ची वाला’ और जनता के भरोसे को ‘खत्म’ कहा।
ट्रम्प‑ज्ञानेश कुमार तंज का संदर्भ
खेड़ा ने कहा, “ट्रम्प अगर ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले गए होते तो चुनाव जीत जाते।” उन्होंने इस तंज को भारत‑अमेरिका संबंधों और ट्रम्प की भारत‑संबंधी टिप्पणी के संदर्भ में पेश किया। ट्रम्प ने भारत के बारे में 150 से अधिक बार टिप्पणी की, लेकिन भारतीय सरकार ने ‘चुप’ रहने का आरोप लगाया। इस पर खेड़ा ने कहा, “प्रभाव तब पड़ता है जब सरकार की रीढ़ की हड्डी सीधी हो। ट्रम्प ने भारत के बारे में कई बार टिप्पणी की, पर मोदी सरकार चुप रही।”
राजस्थान सरकार पर हमला
खेड़ा ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को “पर्ची वाला मुख्यमंत्री” कहा और कहा कि राज्य में जनता का सरकार पर भरोसा खत्म हो गया है। उन्होंने किसानों को समय पर राहत न मिलने, बाजरे के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), सूखा और चारे की समस्या को उठाया। ग्रामीण राजस्थान की “चिंताजनक” स्थिति को लेकर उन्होंने सरकार को घेरा।
अधिकारियों की नियुक्तियों पर सवाल
खेड़ा ने आईएएस शिखर अग्रवाल और अन्य अधिकारियों की नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि “अधिकारियों की लिस्ट दिल्ली से आती है, तो मोदी जी जवाब दें।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार सुधर जाए तो लोकतंत्र अपने आप ठीक हो जाएगा।
आपके लिए संबंधित खबरें
लोकतंत्र और विपक्ष की भूमिका
खेड़ा ने भाजपा के “लोकतंत्र खतरे में है” के दावे पर पलटवार करते हुए कहा, “सरकार सुधर जाए तो लोकतंत्र अपने आप ठीक हो जाएगा।” उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सत्ता परिवर्तन का उल्लेख किया और कहा कि “सड़क पर प्रदर्शन भी लोकतांत्रिक तरीका है।” उन्होंने भाजपा के विरोधी आंदोलन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अन्ना आंदोलन के समय भाजपा ने समर्थन किया था।
विदेश नीति पर टिप्पणी
इंदिरा गांधी के निक्सन को “आँख दिखाई” थी, पर आज की सरकार में “न इकबाल है, न रीढ़ की हड्डी” – इस तरह खेड़ा ने भारत की विदेश नीति में स्पष्टता की कमी को उजागर किया। उन्होंने कहा, “अमेरिका के बावजूद इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए थे। आज भारत की विदेश नीति में स्पष्टता नहीं है, सरकार डरकर रहती है।”
मुख्य बातें
- पवन खेड़ा ने ट्रम्प‑ज्ञानेश कुमार तंज के माध्यम से भारतीय सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
- राजस्थान सरकार को ‘पर्ची वाला’ कहा, जनता के भरोसे की कमी पर प्रकाश डाला।
- किसानों की राहत, बाजरे के MSP, सूखा और चारे की समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बनाया।
- आईएएस शिखर अग्रवाल सहित अधिकारियों की नियुक्तियों पर प्रश्न उठाए, दिल्ली से लिस्ट आने का उल्लेख किया।
- लोकतंत्र के भविष्य को सरकार के सुधार पर निर्भर बताया, विपक्षी आंदोलन को लोकतांत्रिक अधिकार माना।




टिप्पणियाँ
0