सुनील लहरी ने रणबीर कपूर की ‘रामायण’ के संगीत पर दी कड़ी प्रतिक्रिया
2 मिनट में पढ़ें

टीवी इंडस्ट्री के जाने‑माने कलाकार सुनील लहरी ने हाल ही में रणबीर कपूर की महाकाव्य फिल्म ‘रामायण’ के संगीत पर अपनी प्रतिक्रिया दी। जबकि उन्होंने फिल्म की कुल मिलाकर प्रशंसा की, लेकिन गानों में अयोध्या के लोकल रंग की कमी को लेकर उन्होंने आलोचना की।
लहरी की प्रतिक्रिया का मुख्य बिंदु
लहरी ने कहा कि नितेश तिवारी, जो फिल्म के निर्देशक हैं, एक बेहतरीन फ़िल्म निर्माता हैं और उन्होंने और पूरी कास्ट‑क्रू ने मिलकर एक शानदार महाकाव्य तैयार किया है। फिर भी, उन्होंने कहा कि संगीत महाकाव्य का ‘बैकबोन’ है और इस फिल्म के कई गानों ने उन्हें निराश किया है। विशेष रूप से, उन्होंने कहा कि अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाने वाला लोकल फ्लेवर संगीत में नहीं दिखा।
फिल्म की रिलीज़ और प्रतिक्रिया
‘रामायण’ 5 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई और इसे घरेलू‑विदेशी दोनों स्तरों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। लहरी ने कहा कि उन्होंने अभी तक पूरी फिल्म नहीं देखी है, लेकिन उन्होंने अपने सीमित सुनने के आधार पर संगीत पर टिप्पणी की।
मुख्य बातें
- सुनील लहरी ने नितेश तिवारी को एक उम्दा निर्देशक बताया।
- फिल्म के संगीत में अयोध्या के लोकल फ्लेवर की कमी पर उन्होंने निराशा जताई।
- लहरी ने फिल्म को ‘भारत और मानवता के लिए एक संस्कृति, संस्कार और भावना’ कहा।
- उन्होंने फिल्म के कलाकारों और मेकर्स को शुभकामनाएँ दीं और सफलता की कामना की।
लहरी का समग्र दृष्टिकोण
लहरी ने स्पष्ट किया कि वे न तो महाकाव्य के शोधकर्ता हैं और न ही कोई आधिकारिक प्राधिकारी, परंतु एक ‘अच्छे लिसनर’ के रूप में अपने विचार साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह महाकाव्य सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि मानवता के लिए भी है। हमें इस धरोहर की रक्षा करनी चाहिए।” अंत में उन्होंने फिल्म के सभी कलाकारों और निर्माताओं को बधाई दी और कहा कि इस फिल्म की सफलता कई लोगों की रोज़ी‑रोटी से जुड़ी है।




टिप्पणियाँ
0