जालौन (उत्तर प्रदेश)।उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक बेहद दुखद और चिंतनीय खबर सामने आई है, जहाँ एक 11वीं की छात्रा ने आत्महत्या कर ली क्योंकि उसके पिता उसके iPhone की मांग पूरी नहीं कर सके। यह मामला गरीबी, माता-पिता की आर्थिक स्थिति और युवा पीढ़ी की अपेक्षाओं के बीच खाई को उजागर करता है।
घटना डकोर थाना क्षेत्र के कुशमिलिया गांव की है, जहाँ 18 वर्षीय माया राजकीय इंटर कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। उसके पिता तुलसीराम राजपूत छोटे किसान और ऑटो-रिक्शा चलाने से परिवार का भरण-पोषण करते हैं। माया कुछ दिनों से एक पुराना iPhone मॉडल (लगभग ₹40,000) फोन दिलाने की लगातार माँग कर रही थी, लेकिन परिवार की सीमित आर्थिक स्थिति के कारण वह यह खर्च वहन नहीं कर सके।
पिता ने बेटी को आश्वासन दिया था कि जैसे-जैसे हरी मटर की फसल बिकेगी, वह पुराना फोन दिला देंगे, लेकिन माया अपनी मांग पर अड़ी रही। उसने पिता से कहा कि अगर दो दिनों के भीतर उसे iPhone नहीं मिलेगा तो “बुरा परिणाम होगा”, लेकिन परिवार ने गंभीरता नहीं समझी। उस दिन जब पिता ऑटो चला रहे थे और माँ खेत में थीं, माया घर पर अकेली थी और उसने चूहा मारने की दवा खा ली।
परिजनों ने माया को तुरंत उरई मेडिकल कॉलेज ले जाया, जहाँ से उसे गंभीर हालत में झाँसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान वह प्राण त्याग बैठी। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
माहौल और गाँव में इस घटना का व्यापक असर है। ग्रामीणों के बीच शोक की लहर है और परिवार की हालत अत्यंत दयनीय है। इस दुखद घड़ी ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या समाज में युवाओं में आर्थिक असमानता, सुविधा-आधारित अपेक्षाएँ और मानसिक दबाव ऐसे कदमों की वजह बन रहे हैं।
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