आईएसएस दिव्या मित्तल ने इस्तीफा देकर राजनीति में कदम रखने का ऐलान किया

आईएसएस दिव्या मित्तल ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो के माध्यम से अपने इस्तीफे की पुष्टि की और कहा कि वह “वंचितों की आवाज” बनते हुए इरादे की राजनीति करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ेंगी, बल्कि अपने इरादे के आधार पर राजनीति को बदलना चाहती हैं।

यह भी पढ़ें:

Related Update: खुर्जा में भव्य स्वागत: पीएम मोदी के जन्मस्थान वडनगर से वाराणसी जा रही ‘सेवा यात्रा’ का जेवर अड्डा चौराहे पर हुआ अभिनंदन

इस्तीफा देने की प्रक्रिया

आईएएस अधिकारी का इस्तीफा उसी राज्य के चीफ सेक्रेटरी को भेजा जाता है जहाँ वह तैनात है। यह कदम स्वीकृति के लिए स्वचालित नहीं होता; इस्तीफे को केंद्र सरकार की मंजूरी चाहिए। राज्य सरकार को इस्तीफा, विजिलेंस स्टेटस और ड्यू रिपोर्ट केंद्र को भेजनी होती है। मंजूरी का काम डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DOPT) करता है, जैसे आईपीएस के इस्तीफे को गृह मंत्रालय और आईएफएस के इस्तीफे को पर्यावरण मंत्रालय मंजूरी देता है।

इस्तीफा वापसी के नियम

ऑल इंडिया सर्विस रूल्स के अनुसार, यदि इस्तीफा अभी तक मंजूर नहीं हुआ है तो अधिकारी 90 दिनों के भीतर लिखित आवेदन करके इस्तीफा वापस ले सकता है। लेकिन यदि इस्तीफा मंजूर हो चुका है तो वापसी संभव नहीं होती। विशेष रूप से, यदि इस्तीफे का उद्देश्य चुनाव लड़ना या किसी राजनीतिक दल में शामिल होना है, तो वापसी का अधिकार नहीं दिया जाता।

दिव्या मित्तल के भविष्य के इरादे

दिव्या मित्तल ने कहा कि उत्तर प्रदेश उनकी कर्मभूमि है और वह यहीं से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करेंगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने देश में बदलाव की आवश्यकता महसूस की और “वंचितों की आवाज” बनना चाहती हैं। उनके बयान में यह स्पष्ट है कि वे किसी पार्टी के साथ नहीं, बल्कि अपने इरादे के आधार पर राजनीति में प्रवेश करना चाहती हैं।

मुख्य बातें

  • दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए इस्तीफा दिया और राजनीति में आने का ऐलान किया।
  • इस्तीफा प्रक्रिया में राज्य के चीफ सेक्रेटरी को आवेदन, केंद्र सरकार की मंजूरी और DOPT की स्वीकृति शामिल है।
  • इस्तीफा वापसी के लिए 90 दिनों के भीतर लिखित आवेदन आवश्यक है, परन्तु मंजूर इस्तीफे के बाद वापसी नहीं होती।
  • यदि इस्तीफे का उद्देश्य चुनाव या पार्टी में शामिल होना है, तो वापसी का अधिकार नहीं मिलता।
  • दिव्या मित्तल ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश से राजनीति शुरू करेंगे और किसी दल से नहीं जुड़ेंगे।

यह घटना भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के भीतर एक अनोखा कदम दर्शाती है, जहाँ एक अधिकारी अपने सार्वजनिक सेवा के बाद सीधे राजनीति में प्रवेश करने का इरादा रखता है। आगे यह देखना होगा कि उनका इरादा कैसे कार्यान्वित होता है और क्या यह अन्य अधिकारियों के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त करता है।

GB NEWS INDIA | Category: News

देखें वीडियो

       
Home Latest Contact Video Job