जियो‑बीपी और नायरा एनर्जी ने डीजल खरीद पर लिमिट लगाई, सरकारी कंपनियों को भी हो सकता है कदम

जियो‑बीपी और नायरा एनर्जी ने अपने कुछ पेट्रोल पंपों पर डीजल की दैनिक खरीद पर सीमा लगा दी है। यह कदम बड़े‑बॉल्क ग्राहक द्वारा रिटेल स्टेशनों से सस्ता डीजल खरीदने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए उठाया गया है, जिससे भविष्य में सरकारी तेल कंपनियों पर भी समान प्रतिबंध लग सकता है।

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डिजल खरीद पर नई सीमा

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जियो‑बीपी के पंपों पर एक ग्राहक को प्रतिदिन अधिकतम 50 लीटर डीजल लेने की सीमा तय की गई है। वहीं नायरा एनर्जी के पंपों पर यह सीमा 70 लीटर से 200 लीटर तक के विभिन्न स्तरों पर लागू की गई है, जो पंप‑दर‑पंप अलग‑अलग हो सकती है।

क्यों लगा दी गई है लिमिट?

पेट्रोल पंपों पर रिटेल‑बुल्क डीजल प्राइस में अंतर बढ़ता जा रहा है। मई से रिटेल डीजल की कीमत स्थिर रही, जबकि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत $108 प्रति बैरल तक पहुंच गई। इस कारण बल्क कंज्यूमर को मिलने वाला डीजल रिटेल कीमत से लगभग ₹40 प्रति लीटर सस्ता हो गया। बड़े ग्राहक—जैसे फैक्ट्री, डेटा सेंटर, अस्पताल, होटल और मॉल—इस अंतर का फायदा उठाकर एक बार में 400‑600 लीटर तक डीजल खरीद रहे थे।

स्टॉक पर दबाव

जब बड़े ग्राहक इतने बड़े पैमाने पर डीजल ले लेते हैं, तो पंपों का स्टॉक जल्दी खत्म हो जाता है और नई आपूर्ति में कई दिन लगते हैं। इस कारण पंपों पर उपलब्धता घटती है, जिससे सामान्य वाहन मालिकों को असुविधा हो सकती है। कंपनियों ने कहा कि लिमिट का मुख्य उद्देश्य सभी ग्राहकों के लिए डीजल उपलब्धता बनाए रखना है।

सरकारी कंपनियों पर संभावित असर

भारत में कुल लगभग 1.04 लाख पेट्रोल पंप हैं, जिनमें सरकारी कंपनियों का बड़ा हिस्सा है: इंडियन ऑयल (≈43,289 पंप), बीपीसीएल (≈25,587 पंप) और एचपीसीएल (≈25,238 पंप)। जियो‑बीपी के 2,227 और नायरा एनर्जी के 7,105 पंपों की तुलना में यह संख्या बहुत अधिक है। यदि रिटेल‑बुल्क प्राइस गैप बना रहता है, तो सरकारी पंपों पर भी बड़े ग्राहक समान मात्रा में डीजल खरीद सकते हैं, जिससे उन्हें भी बिक्री पर मात्रा‑सीमा लागू करने का विकल्प मिल सकता है।

जियो‑बीपी का बयान

जियो‑बीपी ने कहा कि सभी मोबिलिटी स्टेशन चालू हैं और पर्याप्त फ्यूल स्टॉक मौजूद है। कंपनी ने बताया कि इंडस्ट्रियल और नॉन‑ट्रांसपोर्ट उपयोग के लिए डिमांड बढ़ने को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि ट्रांसपोर्ट और सामान्य ग्राहकों दोनों को फ्यूल उपलब्ध कराया जा सके।

आम ग्राहक पर क्या असर?

वर्तमान में यह सीमा मुख्य रूप से बड़े ग्राहक को लक्षित करती है। सामान्य वाहन मालिकों की दैनिक डीजल जरूरत इस सीमा से काफी कम है, इसलिए उनका उपयोग पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, यदि बड़े ग्राहक लगातार पंपों से डीजल खरीदते रहे, तो कंपनियां आगे और सख्त सीमा लगा सकती हैं।

मुख्य बातें

  • जियो‑बीपी ने एक ग्राहक को रोजाना अधिकतम 50 लीटर डीजल की सीमा लगाई।
  • नायरा एनर्जी पर सीमा 70‑200 लीटर के बीच है, पंप‑दर‑पंप अलग।
  • रिटेल‑बुल्क डीजल प्राइस में अंतर लगभग ₹40 प्रति लीटर तक पहुंचा।
  • बड़े ग्राहक (फैक्ट्री, डेटा सेंटर, अस्पताल आदि) एक बार में 400‑600 लीटर तक डीजल खरीद रहे थे।
  • सरकारी तेल कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) भी भविष्य में समान लिमिट लगा सकती हैं।

डिजल की उपलब्धता और कीमत के बीच का अंतर यदि बना रहा, तो सरकारी पंपों पर भी इस तरह की प्रतिबंधात्मक नीतियों को अपनाना आवश्यक हो सकता है, जिससे सभी वर्गों के उपभोक्ताओं को समान रूप से फ्यूल मिल सके।

GB NEWS INDIA | Category: News

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