दिग्विजय सिंह की सत्य‑सनातन स्वाभिमान यात्रा: RSS‑VHP पर तीखा हमला, धर्म का नया अर्थ
2 मिनट में पढ़ें

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य‑सनातन स्वाभिमान यात्रा अब राजनीतिक और धार्मिक दोनों विमर्शों का केंद्र बन गई है। उज्जैन से अयोध्या तक चल रही इस पदयात्रा के 17वें दिन गुना जिले के राघौगढ़ में दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर तीखा हमला बोला, यह कहते हुए कि उनका धर्म से कोई लेना‑देना नहीं है।
यात्रा का उद्देश्य और मार्ग
दिग्विजय सिंह ने बताया कि यह यात्रा “धर्मस्थलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सनातन मूल्यों की रक्षा” का जनजागरण अभियान है। यात्रा उज्जैन से शुरू होकर अयोध्या तक निकाली जा रही है। गुना में राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा से प्रारम्भ हुआ प्रथम सत्र, जिसमें बरखेड़ा, सागर, पीलाघाटा जोड़, फेकरा, मोतीपुरा जोड़, बसंतपुरा जोड़, सावतखेड़ी, संजय सागर बांध और अंत में रामनगर तक का मार्ग तय किया गया।
धर्म के नाम पर आस्था से खिलवाड़ नहीं
दिग्विजय सिंह ने कहा, “धर्म के नाम पर भ्रष्टाचार और श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।” उन्होंने यात्रा के दौरान ग्रामीणों, माताओं‑बहनों, युवाओं और धर्मप्रेमियों से मिले स्नेह और आशीर्वाद को अपने संकल्प को दृढ़ करने वाला बताया।
RSS‑VHP पर निशाना
गुना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “सभी धर्मों का सम्मान करना और विश्व के कल्याण की कामना करना ही सनातन धर्म है,” जबकि “RSS और VHP का धर्म से कोई लेना‑देना नहीं है।” यह टिप्पणी राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक संगठनों की भूमिका पर सवाल उठाती है और राजनीतिक टिप्पणीकारों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
आपके लिए संबंधित खबरें
समारोह की मुख्य झलकियां
- धर्मरथ में प्रभु श्रीरामलला का पूजन‑अर्चन, पवित्र तीर्थों के जल से सुशोभित कलश और पार्थिव शिवलिंग का आरती।
- राष्ट्रध्वज तिरंगे को सलामी और सत्य‑सनातन‑स्वाभिमान की रक्षा का संकल्प।
- दिग्विजय सिंह और उनके भाई, पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह का एक ही मंच पर उपस्थित होना।
मुख्य बातें
- यात्रा का 17वां दिन गुना में राघौगढ़ में संपन्न।
- दिग्विजय सिंह ने RSS और VHP को धर्म से असंबंधित कहा।
- सभी धर्मों के सम्मान को सनातन धर्म का मूल मानते हुए जनजागरण का उद्देश्य बताया।
- यात्रा मार्ग में बरखेड़ा से रामनगर तक कई गाँवों में रुककर भोजन‑विश्राम का आयोजन।
- भाई लक्ष्मण सिंह के साथ मंच साझा करने से परिवारिक समर्थन का संकेत।
दिग्विजय सिंह की इस यात्रा को आगे भी विभिन्न राज्यों में जारी रहने की संभावना है, जिससे धार्मिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बहसें तेज़ होती रहेंगी।




टिप्पणियाँ
0