धुले में सूखे के कारण किसान ने पपीते की फसल नष्ट की, विधायक रोहित पवार ने मदद का आश्वासन दिया
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धुले, महाराष्ट्र – सूखे की मार से जूझते एक किसान ने अपनी तीन एकड़ पपीते की फसल को नष्ट कर दिया, जबकि विधायक रोहित पवार इस दृश्य के साक्षी बन गए। किसान ने बताया कि साढ़े तीन लाख रुपये की लागत के बावजूद पानी की कमी के कारण फसल में फल नहीं आए, जिससे वह निराश हो कर रोटावेटर चला गया।
किसान की कहानी
धुले के चिंचवार इलाके में इसामुद्दीन पटेल ने लगभग तीन एकड़ जमीन पर पपीते की फसल लगाई थी। फसल तैयार होने के बाद भी लगातार सूखे और जल अभाव के कारण पौधों पर फल नहीं लग पाए। पटेल ने बताया कि फसल की तैयारी में कुल साढ़े तीन लाख रुपये खर्च हुए थे, लेकिन जल संकट के कारण फसल बिन फल के रह गई। नुकसान को देखते हुए उन्होंने खेत में ही फसल को नष्ट करने का फैसला किया और रोटावेटर चलाकर फसल को तोड़ दिया।
विधायक रोहित पवार की प्रतिक्रिया
एनसीपी (शरद पवार) के विधायक रोहित पवार, जो उस समय सूखे की स्थिति का जायजा लेने के लिए इलाके में थे, ने इस दृश्य को देखा। उन्होंने किसान से फसल नष्ट करने की वजह पूछी। पटेल ने अपनी पूरी परेशानी बताई – जल अभाव, कोई सरकारी अधिकारी न आना, और भविष्य में भी मदद की कोई आशा न होना। पवार ने किसान को सलाह दी कि फसल को अभी नष्ट न करें, क्योंकि सरकारी सर्वेक्षण और पंचनामा की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अभी तक नहीं आए हैं, पर जल्द ही आएंगे।
विधायक का आश्वासन
रोहित पवार ने पटेल को सांत्वना दी और कहा कि वे अधिकारियों से बात करेंगे ताकि फसल के पंचनामा और अन्य सहायता के कदम तेज़ी से उठाए जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि फसल को अभी नष्ट करने से किसानों को आगे की सरकारी सहायता मिलने में बाधा आ सकती है।
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पालकमंत्री पर तंज
इस घटना के बाद पवार ने धुले के पालकमंत्री जयकुमार रावल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पालकमंत्री को नाच-गाने में व्यस्त रहने के बजाय सूखे से प्रभावित किसानों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। पवार ने सरकार और प्रशासन से सूखे‑ग्रस्त किसानों की स्थिति का जायजा लेकर तुरंत मदद उपलब्ध कराने की मांग की।
स्थानीय प्रतिक्रिया और चर्चा
पटेल की फसल नष्ट करने की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद धुले में सूखे और किसानों की आर्थिक कठिनाइयों पर चर्चा तेज़ हो गई। कई स्थानीय लोग और किसान संगठनों ने जल संकट के समाधान और सरकारी सहायता की मांग की।
मुख्य बातें
- धुले के किसान इसामुद्दीन पटेल ने तीन एकड़ पपीते की फसल पर रोटावेटर चलाकर फसल नष्ट की।
- फसल तैयार होने के बावजूद पानी की कमी के कारण फल नहीं आए, कुल लागत साढ़े तीन लाख रुपये बताई गई।
- विधायक रोहित पवार ने फसल को नष्ट न करने और सरकारी पंचनामा की प्रक्रिया का इंतजार करने की सलाह दी।
- पवार ने पालकमंत्री जयकुमार रावल पर तंज करते हुए किसानों की मदद की मांग की।
- वीडियो के बाद धुले में सूखे‑ग्रस्त किसानों की स्थिति पर स्थानीय स्तर पर चर्चा बढ़ी।
धुले में सूखा एक गंभीर समस्या बन चुका है, और इस घटना ने जल प्रबंधन, सरकारी सहायता और कृषि नीति पर पुनः विचार करने की आवश्यकता को उजागर किया है।




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