जियो प्लेटफ़ॉर्म्स IPO पर विदेशी निवेशकों की $20 अरब की रुचि, वैल्यूएशन में नई दिशा
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जियो प्लेटफ़ॉर्म्स के आगामी IPO को वैश्विक निवेशकों से भारी रुचि मिल रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, फिडेलिटी, एलियांज, कैपिटल ग्रुप जैसे बड़े विदेशी फंडों ने मिलकर $20 अरब से अधिक की बिड पेश की है, जिससे इस इश्यू की संभावित वैल्यूएशन पर नई चर्चा छिड़ गई है।
विदेशी निवेशकों की बिड और संभावित वैल्यूएशन
रिपोर्ट के मुताबिक, जियो प्लेटफ़ॉर्म्स को अब तक $20 अरब से अधिक की कुल बिड मिली है। इस बिड में फिडेलिटी, एलियांज, कैपिटल ग्रुप के साथ-साथ अन्य विदेशी और घरेलू संस्थानों की भागीदारी शामिल है। हालांकि एंकर बुक की अंतिम सूची अभी तय नहीं हुई है, लेकिन यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों की रुचि काफी उच्च स्तर पर है।
वैल्यूएशन में बदलाव
रॉयटर्स की पहले की रिपोर्ट में जियो की वैल्यूएशन लगभग $170 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद थी। अब कंपनी ने वैल्यूएशन को लगभग ₹10.3 लाख करोड़ (लगभग $106 बिलियन) तक सीमित कर दिया है। यह नई वैल्यूएशन के साथ, जियो का IPO 30,200 करोड़ रुपये जुटा सकता है, जिससे यह 2024 में हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,900 करोड़ इश्यू से आगे निकलकर भारतीय बाजार का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।
IPO की कीमत और लिस्टिंग की संभावित तिथियां
ब्लूमबर्ग ने संकेत दिया है कि जियो के शेयर की कीमत ₹1,065‑₹1,119 के बीच तय हो सकती है। इस प्राइस बैंड के आधार पर वैल्यूएशन लगभग ₹10.3 लाख करोड़ होगा। इश्यू का खुलना अगले हफ्ते या 30 अक्टूबर से पहले होने की संभावना है, जबकि औपचारिक प्राइस बैंड अभी घोषित नहीं हुआ है।
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इश्यू की संरचना
जियो का IPO पूरी तरह से नया इश्यू होगा, यानी मौजूदा शेयरधारकों—जैसे मेटा प्लेटफ़ॉर्म्स, अल्फाबेट (गूगल), मुबाडाला और सऊदी पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड—से शेयर नहीं बेचे जाएंगे। इस संरचना के तहत इश्यू से प्राप्त धन सीधे जियो प्लेटफ़ॉर्म्स को जाएगा, न कि मौजूदा शेयरधारकों को।
ग्रे मार्केट में हलचल
लॉन्च से पहले ग्रे मार्केट में अनौपचारिक ट्रेडिंग के दौरान प्रति शेयर लगभग ₹170‑₹180 का प्रीमियम देखा गया है, जो संभावित प्राइस बैंड की ऊपरी सीमा से 15‑16 % अधिक है। ग्रे मार्केट की कीमतें अनौपचारिक होती हैं और एंकर बुक, प्राइस बैंड और इश्यू की अंतिम विवरणों के अनुसार बदल सकती हैं।
पिछले फंड रेज़िंग राउंड से तुलना
जियो ने 2020 में प्राइवेट फंड रेज़िंग में लगभग ₹4.91 लाख करोड़ (लगभग $4.36 बिलियन) की इक्विटी वैल्यूएशन पर निवेश आकर्षित किया था। प्रस्तावित IPO की वैल्यूएशन इस स्तर से दोगुने से भी अधिक है, हालांकि यह पहले की सबसे अधिक उम्मीदों से थोड़ा कम है।
मुख्य बातें
- जियो प्लेटफ़ॉर्म्स को विदेशी निवेशकों से $20 अरब से अधिक की बिड मिली है।
- फिडेलिटी, एलियांज, कैपिटल ग्रुप जैसे बड़े फंडों ने रुचि दिखाई।
- वैल्यूएशन अब लगभग ₹10.3 लाख करोड़ (लगभग $106 बिलियन) तक सीमित।
- प्राइस बैंड ₹1,065‑₹1,119 प्रति शेयर, संभावित इश्यू आकार ₹30,200 करोड़।
- IPO का इश्यू नया होगा; मौजूदा शेयरधारकों से शेयर नहीं बेचे जाएंगे।
- ग्रे मार्केट में प्रीमियम ₹170‑₹180 प्रति शेयर, प्राइस बैंड से 15‑16 % अधिक।
जियो प्लेटफ़ॉर्म्स का IPO भारतीय प्राइमरी मार्केट में इस साल की सबसे बड़ी घटना बन सकता है, क्योंकि यह टेलीकॉम से परे एक व्यापक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लेटफ़ॉर्म के रूप में स्थापित होने की दिशा में कदम रख रहा है।




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