तिरुवनंतपुरम | केरलकेरल की राजनीति में बुधवार को एक ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने राज्य के सियासी समीकरणों को झकझोर कर रख दिया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने केरल में अब तक की सबसे बड़ी शहरी राजनीतिक उपलब्धि हासिल करते हुए तिरुवनंतपुरम नगर निगम का मेयर पद जीत लिया है। बीजेपी उम्मीदवार वीवी राजेश की यह जीत राज्य में पार्टी के इतिहास में पहली बार किसी शहर का मेयर बनने का रिकॉर्ड है।

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अब तक केरल की शहरी राजनीति पर वामपंथी दलों और कांग्रेस का दबदबा रहा है, लेकिन राजधानी तिरुवनंतपुरम में भाजपा की यह जीत उस परंपरा को तोड़ने वाली मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषक इसे केवल एक नगर निगम चुनाव नहीं, बल्कि केरल की बदलती राजनीतिक सोच का संकेत बता रहे हैं।

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कैसे मिली ऐतिहासिक जीत?

मेयर चुनाव में संख्या बल और रणनीतिक समर्थन के दम पर वीवी राजेश ने जीत दर्ज की। यह परिणाम ऐसे समय आया है जब भाजपा लगातार केरल में अपने संगठन को ज़मीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश कर रही है। तिरुवनंतपुरम जैसे अहम शहरी केंद्र में पार्टी की यह सफलता आने वाले चुनावों के लिए बड़ा संकेत मानी जा रही है।

क्यों अहम है यह नतीजा?

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक:

  • यह जीत केरल में भाजपा के शहरी विस्तार की दिशा में मील का पत्थर है
  • वाम और कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में दरार के संकेत देती है
  • 2026 विधानसभा और आगामी लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा को नई राजनीतिक ऊर्जा दे सकती है

पार्टी नेतृत्व ने इस जीत को कार्यकर्ताओं की मेहनत, संगठनात्मक रणनीति और जनता के बदलते मूड का परिणाम बताया है।

आगे क्या?

तिरुवनंतपुरम मेयर पद पर भाजपा की जीत के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या पार्टी केरल के अन्य शहरी निकायों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा पाएगी। यह जीत साफ तौर पर संकेत देती है कि केरल की राजनीति अब केवल पारंपरिक दलों तक सीमित नहीं रही।

GB NEWS INDIA | Category: कर्नाटक

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