नई दिल्ली। नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खबर है। 1 जुलाई से नौकरी से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने वाला है। मोदी सरकार ने कर्मचारी और नियोक्ता के लिए नए लेबर कोड बनाए हैं, जिसे 1 जुलाई से लागू कर सकती है। इन लेबर कोड से कर्मचारी और नियोक्ता दोनों को ही फायजा होगा। नए लेबर कोड के बाद कर्मचारियों की सैलरी, सोशल सिक्योरिटी से जुड़े नियमों में बदलाव होगा। पेंशन, ग्रेच्युटी, लेबर वेलफेयर, हेल्थ और वर्किंग कंडीशन में बदलाव होगा। नए लेबर लॉ के लागू होने के बाद वर्किंग आवर, वीकऑफ, लीव आदि नियमों में बदलाव हुआ है।
मोदी सरकार अगर 1 जुलाई नया लेबर कोड लागू करती हैं तो आपकी सैलरी स्ट्रक्चर, पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन, काम के घंटे और लीव आदि के नियम में बदलाव हो जाएंगे। आपको बता दें कि अभी सरकार देश के 23 राज्यों ने इन कानूनों के लिए नियमों का ड्राफ्ट पूर्व-प्रकाशित किया है। 1 जुलाई से अगर इसे लागू किया जाता है तो आपकी टेक होम सैलरी घटेगी तो वहीं पीएफ योगदान बढ़ेगा। वहीं काम के घंटे बदल सकते हैं। छुट्टियों में बदलाव होगा।नया लेबर कोड लागू होने से आपकी टेक होम सैलरी घटेगी। ये लेबर कोड आपके सैलरी स्ट्रक्चर को बदल देगा। नए नियम के मुताबिक आपकी बेसिक सैलरी आपकी मासिक सैलरी का कम से कम 50 प्रतिशत होना चाहिए, यानी नए नियम के लागू होने के बाद आपकी टेक होम सैलरी घटेगी तो वहीं पीएफ (PF) और ग्रेच्युटी (gratuity) बढ़ेगी, क्योंकि इसमे योगदान बढ़ेगा।नए लेबर कोड लागू होने के बाद वर्किंग आवर और वीकऑफ में भी बदलाव होगा। नए निय़म में वर्किंग आवर 12 घंटे करने का प्रस्ताव है। वहीं वीकऑफ को 48 घंटे पर फिक्स रखने की बात कही गई है। यानी अगर आप रोज 12 घंटे काम करते हैं तो 4 दिन काम के बाद आपको 3 दिन की छुट्टी मिलती है।नए नियम के ओवरटाइम के घंटे को 50 घंटे से बढ़ाकर 125 घंटे कर दिया गया है। यानी आप अगर वीकेंड में काम करते हैं तो आप अतिरिक्त पैसा कमा सकते हैं। इसके अलावा नए नियम में कर्मचारी को छुट्टियों के लिए योग्य होने के लिए उन्हें अब 240 दिन के बजाए 180 दिन ही काम करना होगा। वहीं नए नियम में भी कर्मचारिय़ों की लीव को पू्र्व की तरह ही रखा गया है। इतना ही नहीं नए लेबर नियम में हर साल के अंत में छुट्टियों के एनकैश कराया जा सकेगा। नए वेतन कोड में कर्मचारियों को कैरीफॉर्वर्ड ले जाने पर 300 छुट्टियों तक नकद करने की अनुमति देगा।

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