लखनऊ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने प्रदूषण के कारणों और नियंत्रण के लिए की जा रही कार्रवाई को लेकर 7 प्रमुख विभागों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे कड़ी कार्रवाई और ठोस फैसले लिए जा सकते हैं।
Related Update: बुलंदशहर में ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान–2026’ का भव्य आयोजन, BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी रहे मौजूद
किन विभागों से मांगी गई रिपोर्ट?
- सरकार ने जिन विभागों से रिपोर्ट मांगी है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- पर्यावरण विभाग
- परिवहन विभाग
- उद्योग विभाग
- नगर विकास विभाग
- कृषि विभाग
- ऊर्जा विभाग
- स्वास्थ्य विभाग
इन विभागों से यह जानकारी मांगी गई है कि प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और आगे क्या योजना है।
क्यों बढ़ा पश्चिमी यूपी में प्रदूषण?
रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिमी यूपी में प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आए हैं:पराली और कृषि अपशिष्ट का जलानाऔद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआंवाहनों से बढ़ता उत्सर्जननिर्माण कार्यों से उड़ती धूलसर्दियों में मौसम की प्रतिकूल स्थिति
स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
प्रदूषण के कारण बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। अस्पतालों में सांस, आंखों में जलन और एलर्जी से जुड़े मरीजों की संख्या बढ़ी है।
सरकार का संदेश साफ
सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों, वाहनों और निर्माण एजेंसियों पर जुर्माना और अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
GB NEWS INDIA | Category: Breaking News

