पश्चिम बंगाल के स्कूल पाठ्यक्रम में श्यामा प्रसाद मुखर्जी को जगह, सिंगूर आंदोलन का अध्याय हटाया जाएगा
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पश्चिम बंगाल सरकार ने स्कूल पाठ्यक्रम में व्यापक बदलाव किए हैं। शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने बताया कि नई पाठ्यपुस्तकों में भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवनी को प्रमुखता दी जाएगी, जबकि सिंगूर आंदोलन और कन्याश्री योजना से जुड़े अध्याय हटा दिए गए हैं। यह कदम राज्य के इतिहास और प्रमुख व्यक्तियों पर अधिक जोर देने की दिशा में उठाया गया है।
मुख्य बदलावों का सारांश
- श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवनी को कक्षा 6‑8 की पाठ्यपुस्तकों में शामिल किया जाएगा।
- सिंगूर आंदोलन (जमीन अधिग्रहण विरोध) का अध्याय कक्षा 8 के पुराने पाठ्यक्रम से हटाया गया।
- कक्षा 6 की पाठ्यपुस्तकों से कन्याश्री योजना का अध्याय हटाने की सिफारिश की गई।
- कक्षा 5‑8 के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) को व्यवस्थित विषय बनाया गया।
- कक्षा 7‑8 में तीसरी भाषा की नई पाठ्यपुस्तकें शुरू की जाएंगी।
- हर पाठ्यपुस्तक की शुरुआत में पूरा ‘वंदे मातरम’ छापा जाएगा।
- पुस्तकों में इस्तेमाल होने वाले कागज की गुणवत्ता में सुधार किया गया।
- पास‑फेल सिस्टम पर चर्चा जारी, निर्णय की उम्मीद।
- 2027 की माध्यमिक व उच्च माध्यमिक परीक्षा तिथियों में बदलाव पर विचार।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी को नई जगह
शिक्षा मंत्री ने कहा कि एक विशेषज्ञ समिति ने नया पाठ्यक्रम तैयार किया है, जिसमें राज्य के इतिहास और प्रमुख व्यक्तियों को प्रमुखता दी गई है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, उनके राजनीतिक विचार और भारतीय जनसंघ की स्थापना से जुड़े मुख्य बिंदुओं को संक्षिप्त रूप में प्रत्येक पाठ्यपुस्तक में शामिल किया जाएगा। यह पहल छात्रों को भारतीय राजनीति के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराएगी।
सिंगूर आंदोलन और कन्याश्री योजना के अध्याय हटाए
कक्षा 8 के पुराने पाठ्यक्रम में शामिल ‘सिंगूर आंदोलन’ वाला अध्याय अब नहीं रहेगा। यह आंदोलन 1970 के दशक में सिंगूर (अब बांग्लादेश) में जमीन अधिग्रहण के विरोध में हुआ था। इसी तरह, समिति ने कक्षा 6 की पाठ्यपुस्तकों से ‘कन्याश्री योजना’ (एक सामाजिक कल्याण योजना) वाले अध्याय को हटाने की सिफारिश की है। इन हटावों का उद्देश्य पाठ्यक्रम को अधिक संक्षिप्त और राज्य‑केंद्रित बनाना बताया गया।
सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) को विषय बनाना
कक्षा 5‑8 के छात्रों के लिए ICT को एक व्यवस्थित विषय के रूप में पेश किया जाएगा। इस विषय में कंप्यूटर मूलभूत ज्ञान, डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट सुरक्षा जैसे विषयों को कवर किया जाएगा। निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार, प्रत्येक कक्षा में अलग‑अलग स्तर की सामग्री होगी, जिससे छात्रों को क्रमिक रूप से डिजिटल कौशल सीखने का अवसर मिलेगा।
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तीसरी भाषा और राष्ट्रीय गीत का नया प्रावधान
कक्षा 7‑8 के छात्रों के लिए तीसरी भाषा की नई पाठ्यपुस्तकें शुरू की जाएंगी। यह कदम बहुभाषी माहौल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है। साथ ही, हर पाठ्यपुस्तक की पहली पृष्ठ पर ‘वंदे मातरम’ का पूरा पाठ छापा जाएगा, जिससे राष्ट्रीय भावना को बढ़ावा मिलेगा।
परीक्षा तिथियों में संभावित बदलाव
पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (WBBSE) ने कक्षा 10 की परीक्षाओं को 15‑25 फरवरी के बजाय 2‑16 मार्च के बीच कराने का प्रस्ताव दिया है। उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद (WBCHSE) भी उच्च माध्यमिक परीक्षाओं को 22 जनवरी‑23 फरवरी के बजाय 16 मार्च के बाद आयोजित करने की संभावना पर विचार कर रही है। इन बदलावों का उद्देश्य आगामी जनगणना कार्य के साथ परीक्षा शेड्यूल को टकराव से बचाना है।
पास‑फेल सिस्टम पर चल रही चर्चा
पास‑फेल ग्रेडिंग सिस्टम को लेकर भी सरकार में चर्चा जारी है। मंत्री बर्मन ने कहा कि इस पर निर्णय जल्द ही लिया जाएगा, जिससे छात्रों के मूल्यांकन में अधिक लचीलापन आ सके।
मुख्य बातें
- श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवनी को कक्षा 6‑8 की पाठ्यपुस्तकों में शामिल किया जाएगा।
- सिंगूर आंदोलन और कन्याश्री योजना के अध्याय हटाए गए।
- कक्षा 5‑8 में ICT को व्यवस्थित विषय बनाया गया।
- कक्षा 7‑8 में तीसरी भाषा की नई पाठ्यपुस्तकें शुरू होंगी।
- हर पुस्तक की शुरुआत में ‘वंदे मातरम’ छापा जाएगा।
- पुस्तकों में कागज की गुणवत्ता में सुधार किया गया।
- पास‑फेल सिस्टम पर निर्णय की प्रतीक्षा।
- 2027 की माध्यमिक व उच्च माध्यमिक परीक्षा तिथियों में बदलाव पर विचार।
इन सभी परिवर्तनों का उद्देश्य पश्चिम बंगाल के स्कूल शिक्षा को अधिक प्रासंगिक, आधुनिक और राष्ट्रीय भावना से भरपूर बनाना है। नई पाठ्यपुस्तकों की वितरण और लागू होने की तिथि के बारे में आगे की जानकारी शिक्षा विभाग द्वारा जारी की जाएगी।




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