हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में 5 लाख लोगों का जमावड़ा और NH‑34 ब्लॉक करने का दावा किया
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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद का मुद्दा फिर से राजनीतिक टकराव के केंद्र में आ गया है। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने सोमवार को कहा कि वह 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद साइट पर पाँच लाख लोगों को जुटाएंगे और राष्ट्रीय राजमार्ग 34 (NH‑34) के 30 किमी हिस्से को हाईवे ब्लॉक करेंगे। इस घोषणा पर भाजपा विधायक शखाराव सरकार ने इजाज़त नहीं मिलने की चेतावनी दी।
हुमायूं कबीर का दावा और योजना
बेलडांगा में आयोजित एक मीटिंग में हुमायूं कबीर ने कहा कि उनके समर्थक रेजिनगर और बरहमपुर के बीच NH‑34 का वह हिस्सा उनके नियंत्रण में रहेगा। उन्होंने बताया कि रेजिनगर से बरहमपुर तक के 30 किमी हाईवे को वह “ब्लॉक” करेंगे और यदि पुलिस में दम है तो उन्हें रोकने की चुनौती दी। कबीर ने यह भी कहा कि उनके समर्थक कृष्णानगर, डोमकल, जलंगी, सैंथिया, कंडी और बर्धमान‑नबद्वीप पुल के पास के इलाकों से भी आएंगे।
शांतिपूर्ण जमावड़े का आश्वासन
कबीर ने दावा किया कि जमावड़ा शांतिपूर्ण रहेगा और उनके समर्थक कानून‑व्यवस्था का उल्लंघन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन बाबरी मस्जिद के उद्घाटन के दिन, अर्थात् 6 दिसंबर, 2028 को होगा, जबकि इस वर्ष 6 दिसंबर अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने की बरसी भी है।
भाजपा की प्रतिक्रिया
नए चुने गये बीजेपी विधायक शखाराव सरकार ने कबीर को अपनी धमकी पूरी करने की चुनौती दी और कहा कि उन्हें कोई अशांति फैलाने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। सरकार ने कहा, “उन्हें कोशिश करने दीजिए। उन्होंने पहले दावा किया था कि उपचुनाव के दौरान 10 लाशें गिरेंगी, खून की एक बूंद भी नहीं गिरी। वह भूल गए हैं कि सरकार बदल गई है। मुख्यमंत्री और गृह मंत्री अब शुभेंदु अधिकारी हैं। सड़क रोकने का सवाल ही नहीं उठता।”
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सरकार ने यह भी कहा कि उन्हें मस्जिद बनने पर कोई आपत्ति नहीं है, पर कबीर की भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “भाजपा को मस्जिद पर कोई एतराज़ नहीं है, लेकिन वह जो करना चाहते हैं, वह नहीं होगा।”
बाबरी मस्जिद का प्रस्तावित विवरण
कबीर ने बताया कि प्रस्तावित बाबरी मस्जिद लगभग 87 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी। दो मंजिला इमारत के अंदर 80,000 लोग नमाज़ पढ़ सकेंगे और परिसर में अतिरिक्त 20,000 लोग नमाज़ पढ़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट की नींव 6 दिसंबर, 2025 को रखी गई थी और इस साल फरवरी में निर्माण कार्य शुरू हुआ।
राजनीतिक माहौल
प्रस्तावित मस्जिद तब से कबीर और भाजपा के बीच विवाद का मुद्दा बन गई है। टीएमसी ने कबीर को अपनी पार्टी शुरू करने से पहले सस्पेंड कर दिया था, पर वह अब खुद को मुस्लिम वोटरों को जुटाने वाली राजनीतिक ताकत के रूप में पेश कर रहा है। टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने कहा, “यह बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है। उनका नजरिया धर्म के इर्द‑गिर्द है और इससे भाजपा को राजनीतिक फायदा हो रहा है। एक संवेदनशील धार्मिक मुद्दे को राजनीति के साथ मिलाना सही नहीं है।”
मुख्य बातें
- हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को 5 लाख लोगों को जुटाने और NH‑34 के 30 किमी हिस्से को ब्लॉक करने का दावा किया।
- भाजपा विधायक शखाराव सरकार ने इस कार्यक्रम को रोकने की चेतावनी दी और इजाज़त नहीं मिलने की बात कही।
- कबीर ने कहा कि जमावड़ा शांतिपूर्ण रहेगा और कानून‑व्यवस्था का उल्लंघन नहीं होगा।
- प्रस्तावित बाबरी मस्जिद की लागत लगभग 87 करोड़ रुपये, दो मंजिला इमारत में 80,000 और परिसर में 20,000 लोग नमाज़ पढ़ सकेंगे।
- मस्जिद का उद्घाटन 6 दिसंबर, 2028 को निर्धारित है; इस वर्ष 6 दिसंबर अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने की बरसी भी है।
हुमायूं कबीर की इस घोषणा पर आगे की कार्रवाई और पुलिस की प्रतिक्रिया अभी स्पष्ट नहीं हुई है, पर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा हुआ दिख रहा है।




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