अमित शाह और नितिन नवीन ने राहुल गांधी पर किया दोहरी हमला, ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मोर्चा शुरू
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इंडिया गठबंधन की दिल्ली में हुई रैली के बाद, भाजपा ने दो शहरों – हैदराबाद और कोलकाता – में एक साथ दो बड़े मोर्चे चलाकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर दोहरी हमला किया। गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा की, जबकि पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में समान नारा लेकर सीएम शुभेंदु अधिकारी के साथ मार्च किया। दोनों मोर्चों का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस द्वारा लगाए गए SIR (सिस्टमेटिक इंटेग्रिटी रिव्यू) और वोट चोरी के आरोपों को खारिज कर भाजपा की शुद्धता को उजागर करना था।
हैदराबाद में अमित शाह की पदयात्रा
अमित शाह ने तेलंगाना के बशीरबाग से मोजामजाही मार्केट तक लगभग 5 किलोमीटर की पदयात्रा की। इस मार्च को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कहा गया। यात्रा के दौरान उन्होंने भाग्यलक्ष्मी मंदिर में दर्शन कर विशेष पूजा अर्चना की और देवी से आशीर्वाद माँगा। बाद में उन्होंने 25 मिनट का भाषण दिया, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी को SIR और वोट चोरी के आरोपों पर संसद में बहस की सीधी चुनौती दी। शाह ने कहा, “सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है, आप इस मुद्दे पर सदन में बहस करें।” उन्होंने कांग्रेस पर 12 लाख करोड़ के घोटाले, विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की दीर्घकालिक हार (तमिलनाडु 64 साल, बंगाल‑गुजरात‑उत्तर प्रदेश 41 साल, त्रिपुरा‑ओडिशा 26 साल) के आरोप भी लगाए।
मुख्य बिंदु
- मार्च का नाम: ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’
- मार्ग: बशीरबाग → मोजामजाही मार्केट (लगभग 5 किमी)
- भाषण अवधि: लगभग 25 मिनट
- शाह ने राहुल गांधी को SIR और वोट चोरी के मुद्दे पर संसद में बहस की चुनौती दी
- कांग्रेस पर 12 लाख करोड़ के घोटाले और कई राज्यों में दीर्घकालिक हार के आरोप
कोलकाता में नितिन नवीन का हमला
कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च निकाला। यह पार्टी के सत्ता में आने के बाद पहला बड़ा सार्वजनिक प्रदर्शन था। नवीन ने कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे वोट चोरी के अभियानों को ‘झूठ की खेती’ कहा और कहा कि विपक्ष लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ भ्रम फैला रहा है। उन्होंने कहा, “हम जनता को सच्चाई बताने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं।” इस मोर्चे में भी राहुल गांधी को लक्ष्य बनाया गया, जबकि उन्होंने कांग्रेस के भ्रष्टाचार और SIR के आरोपों को खारिज करने की बात दोहराई।
मुख्य बिंदु
- मार्च का नाम: ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’
- स्थान: कोलकाता, पश्चिम बंगाल
- मुख्य वक्ता: नितिन नवीन, शुभेंदु अधिकारी
- केंद्रित मुद्दे: SIR, वोट चोरी, कांग्रेस के भ्रष्टाचार के आरोप
- भाजपा का राष्ट्रीय स्तर पर समान मोर्चा चलाने का उद्देश्य
राहुल गांधी का जवाब
भाजपा के दोहरे मोर्चे के बाद, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से निशाना बनाया। उन्होंने मोदी को “विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने” और “आर्थिक व्यवस्था विदेशी नियंत्रण में” कहा, तथा खुली बहस की चुनौती दी। यह टिप्पणी मोदी के विपक्ष पर देश को बाँटने और सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें फैलाने के आरोप के जवाब में थी।
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भाजपा की राष्ट्रीय रणनीति
बीजेपी ने पिछले कुछ हफ्तों में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नाम से कई राज्यों में समान पदयात्राएँ शुरू की हैं। पार्टी का कहना है कि यह अभियान विपक्ष द्वारा चलाए जा रहे SIR और वोट चोरी के आरोपों को खारिज करने के लिए है, और यह जनता को सत्य बताने का प्रयास है। इस अभियान के तहत पार्टी कार्यकर्ता विभिन्न राज्यों में SIR, वोट चोरी और चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को चुनौती दे रहे हैं।
भाजपा के इस राष्ट्रीय मोर्चे का उद्देश्य कांग्रेस को ‘जड़ से उखाड़ फेंकना’ और आगामी चुनावों में अपनी स्थिति को मजबूत करना दिखता है। दोनों शहरों में आयोजित पदयात्राओं ने राजनीतिक माहौल को और गरम कर दिया है, जहाँ दोनों पक्ष एक दूसरे पर भ्रष्टाचार, वोट चोरी और लोकतंत्र के उल्लंघन के आरोप लगा रहे हैं।




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