लखनऊ (उत्तर प्रदेश):उत्तर प्रदेश के Social Welfare Department ने सरकारी विभागों में outsourcing recruitment irregularities की जांच करने का अहम निर्णय लिया है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब विभाग में बेरोज़गारों की भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों और नियमों के उल्लंघन से जुड़े आरोप सामने आए थे।
राज्य सरकार ने अधिकारियों को आउटसोर्सिंग भर्ती (outsourced recruitments) की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण करने और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विभागीय पैनल का गठन भी किया जाएगा, जो सभी outsourcing नियुक्तियों का अध्ययन करेगा और रिपोर्ट तैयार करेगा।
क्यों अहम है यह फैसला?
यह निर्णय राज्य में सरकारी नौकरी चाहने वाले लाखों युवाओं के आधिकारिक भर्ती अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पैनल जांच से न केवल पारदर्शिता बहाल होगी, बल्कि कई अनियमितताओं और कथित भेदभावों को भी दूर किया जाएगा।
विशेष रूप से विपक्षी नेताओं और बेरोज़गार युवा संगठनों ने पिछले महीनों में यही मांग की थी कि outsourcing भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्ष जांच और नियमन होना चाहिए।
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