संभल / बदायूं (उत्तर प्रदेश)।उत्तर प्रदेश पुलिस के एक कथित एनकाउंटर मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। अदालत ने लूट के आरोपी ओमबीर के मामले में पुलिस की कहानी पर गंभीर सवाल उठाते हुए 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला फर्जी एनकाउंटर का प्रतीत होता है।

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यह मामला उस समय का है जब पुलिस ने दावा किया था कि बदायूं जिले में लूट के आरोपी ओमबीर के साथ मुठभेड़ हुई थी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने फायरिंग की, जिसके जवाब में गोली चली। लेकिन जांच और याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत को कई ऐसे तथ्य मिले, जिनसे पुलिस की कार्रवाई संदिग्ध नजर आई।

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कोर्ट ने क्या कहा?

अदालत ने टिप्पणी की कि उपलब्ध साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट पुलिस के दावों से मेल नहीं खाते। यही नहीं, घटना के समय और तरीके को लेकर भी विरोधाभास सामने आए। कोर्ट ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यदि कानून के रक्षक ही कानून तोड़ेंगे, तो न्याय व्यवस्था पर भरोसा कैसे बना रहेगा।

इसी आधार पर अदालत ने संभल पुलिस को 12 नामजद पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

आरोपी पहले से जेल में

इस मामले में आरोपी ओमबीर फिलहाल बदायूं जेल में बंद है। उसके परिजनों ने अदालत में याचिका दाखिल कर दावा किया था कि उसे जानबूझकर झूठे एनकाउंटर में फंसाया गया और पुलिस ने सबूतों से छेड़छाड़ की।

अब इस आदेश के बाद यूपी पुलिस के लिए स्थिति असहज हो गई है। मामले की जांच से यह साफ होगा कि क्या यह वास्तव में फर्जी एनकाउंटर था या पुलिस प्रक्रिया में गंभीर चूक हुई।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब देशभर में fake encounter, police accountability, और rule of law को लेकर बहस तेज है।

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