उदयपुर में चुनावी मतभेद से हुई त्रासदी: बेटे ने मां को रॉड से मारकर हत्या, पिता गंभीर रूप से घायल
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राजस्थान के उदयपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के महुवाड़ा गांव में एक परिवार के भीतर चुनावी मतभेद ने त्रासदी को जन्म दिया। छोटे बेटे राहुल परमार ने अपनी मां पुष्पा परमार को लोहे की रॉड से मारकर हत्या कर दी, जबकि पिता लालचंद परमार को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया।
घटना की पृष्ठभूमि
पुष्पा परमार अपने पति लालचंद परमार, बड़े बेटे गणेश परमार और बहू के साथ घर में रह रही थीं। रात करीब तीन बजे राहुल परमार घर पहुंचा। बताया जा रहा है कि चुनाव में उसके दोस्त को वोट नहीं देने की बात पर परिवार में विवाद उत्पन्न हुआ। विवाद तेज़ होते ही मारपीट में बदल गया।
मां पर रॉड का हमला
विवाद के दौरान राहुल ने अपनी मां के सिर पर लोहे की रॉड से वार किया। घातक चोटें लगने के बाद पुष्पा परमार को तुरंत अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, परन्तु रास्ते में ही वह दम तोड़ गई। डूंगरपुर जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित किया।
पिता और बड़े भाई पर भी हमला
पिता लालचंद परमार ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, परन्तु राहुल ने उन पर भी रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में लालचंद गंभीर रूप से घायल हो गए और डूंगरपुर जिला अस्पताल में भर्ती हैं। बड़े भाई गणेश परमार और उसकी पत्नी ने भी मदद करने की कोशिश की, परन्तु राहुल ने उन पर भी हमला किया और फिर स्थल से फरार हो गया।
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पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वर्तमान में आरोपी राहुल परमार को फरार बताया जा रहा है। पुलिस पूरे घटनाक्रम, विवाद की वजह और हमले से जुड़े तथ्यों की विस्तृत पड़ताल कर रही है। बड़े बेटे गणेश परमार के बयान को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्य बातें
- उदयपुर के महुवाड़ा गांव में चुनावी वोट न देने के विवाद में बेटे ने अपनी मां को रॉड से मारकर हत्या कर दी।
- पिता लालचंद परमार गंभीर रूप से घायल, डूंगरपुर जिला अस्पताल में उपचार जारी।
- घटना के बाद आरोपी राहुल परमार फरार, पुलिस जांच में लगी।
- मृतका पुष्पा परमार को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया।
- बड़े भाई गणेश परमार ने घटना के बाद माता-पिता को निजी वाहन से अस्पताल ले जाने का प्रयास किया।
यह घटना चुनावी माहौल में बढ़ते तनाव और पारिवारिक विवादों के संभावित परिणामों को उजागर करती है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस से अपील है कि वे इस प्रकार के मामलों की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाएँ।




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