दिल्ली हाईकोर्ट ने वकीलों को BS‑VI नियम से छूट दी, कोर्ट के कार्यदिवसों में प्रतिबंध हटाया
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दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया, जिसमें नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में रहने वाले वकीलों और ज्यूडिशियल स्टाफ को प्री‑BS‑VI मानक वाली गाड़ियों पर लगाई गई यात्रा प्रतिबंध से छूट दी गई। यह छूट केवल कोर्ट के कार्यदिवसों में लागू होगी और इसका उद्देश्य न्यायिक कार्यों में बाधा न आने देना है।
आदेश का पृष्ठभूमि
न्यायिक कार्यों के सुगम संचालन के लिए दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) ने कोर्ट में याचिका दायर की। इस याचिका में कहा गया कि कई वकील गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद जैसे NCR के शहरों में रहते हैं और नियमित रूप से दिल्ली के कोर्ट में पेश होते हैं। सरकार द्वारा जारी ट्रैवल बैन ने इन वकीलों की कार्यक्षमता पर असर डाला, जिससे केस की सुनवाई में देरी और नुकसान का जोखिम बढ़ा।
जस्टिस अमित महाजन का आदेश
जस्टिस अमित महाजन ने DHCBA की अर्जी पर यह आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल उन गाड़ियों को छूट दी जाएगी जो दिल्ली के बाहर पंजीकृत हैं और जो BS‑VI एमिशन मानक को पूरा नहीं करतीं। यह छूट केवल कोर्ट के कार्यदिवसों में ही मान्य होगी, जिससे न्यायिक कार्य में निरंतरता बनी रहेगी।
मुख्य बातें
- वकीलों और न्यायिक स्टाफ को प्री‑BS‑VI गाड़ियों पर लगाई गई यात्रा प्रतिबंध से छूट मिली।
- छूट केवल कोर्ट के कार्यदिवसों में लागू होगी।
- छूट का आधार सरकार के नोटिफिकेशन में पहले से मौजूद प्रावधान है, जिसमें विशेष वर्ग की गाड़ियों को छूट दी जा सकती है।
- DHCBA ने 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक प्रोफेशनल काम के लिए दिल्ली आने वाले वकीलों को छूट देने की मांग की।
- छूट के लिए वैध पहचान, गाड़ी के दस्तावेज़ और PUCC (Pollution Under Control Certificate) का सत्यापन आवश्यक होगा।
DHCBA की अतिरिक्त मांगें
बार एसोसिएशन ने दिल्ली सरकार से यह भी अनुरोध किया कि वह कोर्ट द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर छूट की मांग करने वाले प्रतिनिधियों की याचिकाओं पर शीघ्र विचार करे। याचिका में यह भी बताया गया कि कोविड‑19 महामारी के दौरान 2021 में हाईकोर्ट ने समान छूट प्रदान की थी, जब वकीलों को पहचान प्रमाण दिखाने पर यात्रा की अनुमति दी गई थी।
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रेगुलेटेड छूट का प्रस्ताव
DHCBA ने एक रेगुलेटेड छूट का प्रस्ताव रखा है, जिसमें प्रत्येक योग्य वकील को एक चयनित गाड़ी उपयोग करने की अनुमति होगी, बशर्ते वह पेशेवर पहचान, गाड़ी के दस्तावेज़ और वैध PUCC से प्रमाणित हो। यह प्रस्ताव सरकार के पर्यावरण विभाग को गाड़ियों की अतिरिक्त श्रेणी को छूट देने का अधिकार देता है।
निष्कर्ष
दिल्ली हाईकोर्ट का यह निर्णय NCR के वकीलों और न्यायिक स्टाफ के लिए एक राहत का कदम है, जिससे न्यायिक कार्य में देरी को रोका जा सकेगा। यह आदेश सरकारी नियमों के भीतर ही न्यायिक कार्य की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।




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