त्रिपुरा में गांजे की अवैध खेती पर सरकार का कड़ा कदम, 37,000 पौधे नष्ट
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त्रिपुरा में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। राधानगर वन क्षेत्र में लगभग 25 एकड़ जमीन पर उगाए जा रहे गांजे के 37,000 पौधों को नष्ट कर दिया गया। यह कदम नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के नेतृत्व में कई एजेंसियों के सहयोग से किया गया, जिससे राज्य में नशा‑व्यापार पर कड़ी टोकन लगायी गई।
संयुक्त कार्रवाई का विवरण
त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले के देबीपुर, उरंगन बारी और राधानगर वन क्षेत्र में एक साथ कई एजेंसियों ने मिलकर इस अभियान को अंजाम दिया। इसमें शामिल थे:
- नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB)
- केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF)
- सीमा सुरक्षा बल (BSF)
- त्रिपुरा पुलिस
- त्रिपुरा वन विभाग
- त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (TSR)
सभी एजेंसियों ने आपसी तालमेल से अवैध खेती वाले क्षेत्रों में घुसपैठ की, पौधों को काटा और नष्ट किया। इस कार्रवाई में 37,000 से अधिक गांजे के पौधे, जो लगभग 25 एकड़ वन भूमि पर उगाए जा रहे थे, पूरी तरह नष्ट कर दिए गए।
नारकोटिक्स कंट्रोल विजन 2026‑29 के तहत लक्ष्य
यह कार्रवाई केंद्र सरकार के नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026‑29 के तहत निर्धारित रणनीति का हिस्सा है। इस योजना के अनुसार, दिसंबर 2027 तक त्रिपुरा सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में गांजा और अफीम की अवैध खेती को समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना में नशे से जुड़े मामलों पर कार्रवाई करने वाली एजेंसियों, पुलिस, वन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है।
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सोनमुरा में बरामदगी
त्रिपुरा के सोनमुरा पुलिस स्टेशन की जानकारी पर, 81वीं बैटालियन BSF और 11वीं बैटालियन TSR ने मिलकर कमलनगर‑कृष्णडोला इलाके में रात के समय छापा मारा। इस ऑपरेशन में 07 प्लास्टिक ड्रम में कुल 327.700 किलोग्राम सूखा गांजा बरामद किया गया, जिसे लावारिस बताकर जब्त किया गया।
सोनमुरा पुलिस के इंस्पेक्टर तपस दास, ऑफिसर‑इन‑चार्ज के नेतृत्व में इस बड़े पैमाने के नष्ट करने वाले ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। बरामद गांजे की बाजार कीमत लगभग एक करोड़ तिरसठ लाख अस्सी हजार रुपये बताई गई।
मुख्य बातें
- त्रिपुरा में 25 एकड़ वन भूमि पर उगाए 37,000 गांजे के पौधे नष्ट किए गए।
- NCB, CRPF, BSF, त्रिपुरा पुलिस, वन विभाग और TSR ने मिलकर कार्रवाई की।
- केंद्र सरकार के नारकोटिक्स कंट्रोल विजन 2026‑29 के तहत दिसंबर 2027 तक गांजा‑अफ़ीम खेती समाप्त करने का लक्ष्य है।
- सोनमुरा में 327.700 किग्रा सूखा गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 1.66 करोड़ रुपये।
- सभी बरामद सामग्री को लावारिस घोषित कर जब्त किया गया।
आगे की दिशा
त्रिपुरा में इस तरह की संयुक्त कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि सरकार नशा‑व्यापार को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कदम उठा रही है। नारकोटिक्स कंट्रोल विजन 2026‑29 के तहत अन्य राज्यों में भी समान रणनीति अपनाई जाएगी, जिससे नशे के दुरुपयोग को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। भविष्य में एजेंसियों के बीच तालमेल और निगरानी को और मजबूत करने की आवश्यकता होगी, ताकि अवैध खेती के पुनरावृत्ति को रोका जा सके।




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