SBI के Q2 FY27 परिणामों के बाद विदेशी ब्रोकरेज ने दिया 37% अपसाइड टारगेट
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के परिणाम जारी किए और शुद्ध मुनाफा 14.3% बढ़कर 23,038 करोड़ रुपये रहा। इस मजबूत प्रदर्शन के बाद छह प्रमुख विदेशी ब्रोकरेज ने शेयर के लिए बुलिश टारगेट लगाए, जिनमें CLSA का 1,325 रुपये (37% अपसाइड) सबसे ऊँचा है।
मुख्य वित्तीय आँकड़े
जुलाई‑सितंबर तिमाही में SBI की कमाई बाजार के अनुमान से बेहतर रही। CNBC‑TV18 के सर्वे में 22,859 करोड़ रुपये के नेट प्रॉफिट की उम्मीद थी, जबकि वास्तविक नेट प्रॉफिट 23,038 करोड़ रुपये रहा। मुख्य ब्याज आय (NII) 14.7% बढ़कर 49,143 करोड़ रुपये पर पहुँची। घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.11% तक सुधरा, जो पिछले तिमाही से 11 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी है।
एक्सेप्शनल गेन का योगदान
इस तिमाही में बैंक को 7,289 करोड़ रुपये का एक्सेप्शनल गेन मिला, जो पिछले साल की समान तिमाही के 4,593 करोड़ रुपये से 2,696 करोड़ रुपये अधिक है। इस एकमुश्त आय ने कुल मुनाफे को और बढ़ाया।
बैलेंस शीट में सुधार
बैंक ने फंसे हुए कर्ज (NPA) को घटाकर ग्रॉस NPA 1.39% और नेट NPA 0.36% कर दिया। इसका मतलब है कि हर 100 रुपये के कर्ज में फंसी रकम 1.47 रुपये से घटकर 1.39 रुपये रह गई। साथ ही, घरेलू लोन में 17% की सालाना वृद्धि और डिपॉजिट में 12% की वृद्धि दर्ज हुई।
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विदेशी ब्रोकरेजों के टारगेट
- CLSA – आउटपरफॉर्म रेटिंग, टारगेट 1,325 रुपये (37% अपसाइड)।
- Citi – बाय रेटिंग, टारगेट 1,300 रुपये (34% अपसाइड)।
- HSBC – बाय रेटिंग, टारगेट 1,220 रुपये (25.7% अपसाइड)।
- Macquarie – आउटपरफॉर्म रेटिंग, टारगेट 1,220 रुपये।
- Bernstein – मार्केट परफॉर्म रेटिंग, टारगेट 1,300 रुपये (34% अपसाइड)।
- Nomura – न्यूट्रल रेटिंग, टारगेट 1,100 रुपये (13.4% अपसाइड)।
ब्रोकरेजों के मुख्य कारण
CLSA ने बताया कि NII अनुमान से 2% बेहतर रहा, जबकि फीस आय और ट्रेजरी नुकसान के कारण टैक्स‑पूर्व मुनाफा (PBT) अनुमान से 3% पीछे रहा। Citi ने लोन पोर्टफोलियो के 49% को बाहरी बेंचमार्क से जोड़ते हुए मार्जिन को सहारा मिलने का संकेत दिया। HSBC ने लोन ग्रोथ में धीमी गति और सब्सिडियरी कंपनियों के कम वैल्यूएशन को टारगेट घटाने का कारण बताया, पर EPS अनुमान को 4‑8% बढ़ाया।
विश्लेषकों की चिंताएँ
Bernstein और Nomura ने मुनाफे की संरचना पर सवाल उठाए। Bernstein का मानना है कि कम क्रेडिट कॉस्ट और हिस्सेदारी बिक्री ने मुनाफे को बढ़ावा दिया, जबकि बढ़ते खर्च और घटती अन्य आय ने ऑपरेटिंग प्रॉफिट को दबाया। यदि एक‑बार की एक्सेप्शनल गेन को हटाया जाए तो EPS की वार्षिक वृद्धि 14.3% से घटकर केवल 5% रह जाती है। Nomura ने भी बढ़ते खर्चों को मुख्य जोखिम बताया।
बैंक का भविष्य दृष्टिकोण
SBI ने FY27‑FY29 के लिए 14‑15% की क्रेडिट ग्रोथ और 3% से ऊपर का नेट इंटरेस्ट मार्जिन बनाए रखने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य के साथ बैंक का प्रबंधन अपने मौजूदा रणनीति पर भरोसा बनाए रखता है।
मुख्य बातें
- Q2 FY27 में शुद्ध मुनाफा 23,038 करोड़ रुपये (14.3% YoY वृद्धि)।
- मुख्य ब्याज आय 49,143 करोड़ रुपये, NIM 3.11%।
- एक्सेप्शनल गेन 7,289 करोड़ रुपये।
- ग्रॉस NPA 1.39%, नेट NPA 0.36%।
- विदेशी ब्रोकरेजों ने 1,100‑1,325 रुपये के टारगेट लगाए, सबसे अधिक CLSA का 37% अपसाइड।
- कुछ विश्लेषकों ने मुनाफे की स्थिरता पर सवाल उठाए, विशेषकर एक‑बार की आय को हटाने पर EPS वृद्धि घटने की संभावना।
यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से तैयार किया गया है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।




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