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Health

रूस में आँख के अंदर बीज अंकुरित, चार महीने के दर्द के बाद डॉक्टर ने निकाला 3 mm जड़ वाला पौधा

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 01 Nov 2026• अपडेट 01 Nov 2026
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रूस में आँख के अंदर बीज अंकुरित, चार महीने के दर्द के बाद डॉक्टर ने निकाला 3 mm जड़ वाला पौधा
साइबेरिया के 42 वर्षीय वेल्डर मैक्सिम स्लेप्टसोव की आँख में टहनी से फँसा बीज चार महीने तक अंकुरित हुआ, जड़ 3 mm तक पहुँची। याकुत्स्क के इमरजेंसी सेंटर में डॉक्टरों ने स्थानीय एनेस्थीसिया…

रूस के साइबेरिया में रहने वाले 42 वर्षीय वेल्डर‑प्लंबर मैक्सिम स्लेप्टसोव को एक असामान्य आँख की चोट का सामना करना पड़ा। गर्मियों में मछली पकड़ने और बेरी तोड़ने के दौरान एक पेड़ की टहनी उनकी आँख से टकराई, जिससे एक छोटा बीज आँख के अंदर फँस गया। बीज नमी और अनुकूल परिस्थितियों के कारण अंकुरित हो गया और उसकी जड़ लगभग तीन महीने में 3 mm तक बढ़कर आँख के नाजुक टिश्यू में प्रवेश कर गई।

घटना का क्रम

मैक्सिम ने बताया कि टहनी के टकराने के बाद आँख में खुजली, दर्द और लगातार पानी निकलने लगा। उन्होंने तुरंत पानी से आँख धोई और लकड़ी की छाल जैसा एक छोटा टुकड़ा निकाल लिया, मानते हुए कि चोट समाप्त हो गई है। परन्तु अगले दिनों में सूजन, धुंधली दृष्टि और तीव्र सिरदर्द (माइग्रेन‑समान) की समस्या बनी रही। स्थानीय डॉक्टर तक पहुँचना कठिन होने के कारण वह याकुत्स्क के एक इमरजेंसी आई‑सेंटर में पहुँचे।

डॉक्टरों की जाँच और उपचार

आई‑सेंटर में मुख्य चिकित्सक इवान लुत्स्कान और आँखों के विशेषज्ञ एलिजावेता कारपोवा ने विस्तृत जांच की। उन्होंने पाया कि बीज ने आँख के अंदर अंकुरित होकर कंजंक्टाइवा (Conjunctiva) की पतली झिल्ली के भीतर 3 mm तक जड़ बना ली थी। यह स्थिति यदि समय पर नहीं हटाई जाती तो गंभीर संक्रमण, टिश्यू क्षति और दृष्टि हानि का खतरा पैदा कर सकती थी।

डॉक्टरों ने स्थानीय एनेस्थीसिया दिया और एक सूई की मदद से बीज को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला। यह उनका पहला ऐसा केस था। बीज निकालते ही मैक्सिम के सिरदर्द और सूजन में उल्लेखनीय कमी आई, और वह राहत की साँस ले सके।

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मुख्य बातें

  • टहनी से टकराने के बाद आँख में फँसा बीज चार महीने तक अंकुरित हुआ।
  • जड़ 3 mm तक बढ़कर कंजंक्टाइवा में प्रवेश कर गई, जिससे सिरदर्द, सूजन और धुंधली दृष्टि हुई।
  • याकुत्स्क के इमरजेंसी सेंटर में स्थानीय एनेस्थीसिया और सूई से बीज को सुरक्षित रूप से निकाला गया।
  • समय पर उपचार न मिलने पर गंभीर संक्रमण और दृष्टि हानि का जोखिम था।
  • घटना छोटी चोट को नजरअंदाज न करने और तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से जांच करवाने की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।

सुरक्षा के लिए सुझाव

आँख में कोई भी विदेशी वस्तु, चाहे वह धूल, कीट या पौधा का बीज हो, तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। शुरुआती लक्षणों में जलन, लालिमा, पानी आना या दृष्टि में धुंधलापन शामिल हो सकते हैं। यदि दर्द या सूजन बनी रहे तो नेत्र रोग विशेषज्ञ से विस्तृत जांच करवाई जाए।

समापन

यह दुर्लभ मामला दर्शाता है कि प्राकृतिक वस्तुएँ भी अनपेक्षित परिस्थितियों में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बन सकती हैं। छोटी‑सी लापरवाही से बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है, इसलिए आँख की किसी भी चोट को हल्का न समझें और समय पर चिकित्सा सहायता लें।

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