पंचकूला स्कूल में मारपीट पर प्रिंसिपल सहित 3 शिक्षकों को निलंबन
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हरियाणा के पंचकूला में स्थित एक सरकारी स्कूल में KG कक्षा की 6 साल की बच्ची के साथ मारपीट की घटना ने शिक्षा विभाग को कठोर कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल नीलू के साथ दो शिक्षिकाओं – पूजा रानी और सिमरनजीत कौर – को निलंबित कर दिया गया।
घटना का विवरण
शुक्रवार देर रात स्कूल में हुई इस हिंसक घटना की सूचना अभिभावकों को मिली, जब उन्होंने अपनी बच्ची को चोटिल पाया। स्कूल में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पता चला कि मारपीट की घटना कई मिनट तक जारी रही, जबकि कैमरों का आउटपुट प्रिंसिपल के कार्यालय में उनकी कुर्सी के ठीक सामने स्थित था। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, इस फुटेज की नियमित मॉनिटरिंग नहीं की गई, जिससे घटना को रोका जा सकता था।
कदम उठाए गए
घटना की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा शिक्षा विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। शनिवार देर रात पहले दो JBT शिक्षिकाओं – पूजा रानी और सिमरनजीत कौर – को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद रविवार शाम को प्रिंसिपल नीलू को भी निलंबन की सजा सुनाई गई। साथ ही, हरियाणा पुलिस ने प्रिंसिपल और क्लास टीचर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुख्य बातें
- KG कक्षा की 6 साल की बच्ची के साथ मारपीट की घटना.
- शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल नीलू और दो शिक्षिकाओं – पूजा रानी, सिमरनजीत कौर – को निलंबित किया.
- सीसीटीवी कैमरों की फुटेज प्रिंसिपल के कार्यालय में थी, पर नियमित मॉनिटरिंग नहीं हुई.
- हरियाणा पुलिस ने प्रिंसिपल और क्लास टीचर के खिलाफ केस दर्ज किया.
- अभिभावकों ने सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी की मांग की.
स्कूल सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। अभिभावकों ने कहा कि सीसीटीवी कैमरों की उपस्थिति के बावजूद उनकी निगरानी न होने से बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। कई अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से तत्काल सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने और भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने की मांग की है।
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पुलिस और विभागीय जांच
पुलिस ने मामले की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत समीक्षा कर रही है। शिक्षा विभाग ने भी इस घटना को एक चेतावनी के रूप में लेकर सभी सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी मॉनिटरिंग के प्रोटोकॉल को सख्त करने का प्रस्ताव रखा है।
आगे की कार्रवाई
वर्तमान में निलंबित शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक प्रक्रिया चल रही है। यदि जांच में अतिरिक्त लापरवाही या दुराचार सिद्ध होता है, तो कड़ी सजा की संभावना बनी हुई है। साथ ही, शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी मॉनिटरिंग के लिए एक केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष स्थापित करने की योजना की घोषणा की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई है और सरकारी स्कूलों में निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने की आवश्यकता को उजागर किया है।




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