कोटा के मंडाना में दो जहरीले करैत सांपों की घातक लड़ाई, एक ने दूसरे को निगल लिया
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राजस्थान के कोटा जिले के मंडाना कस्बे में शनिवार देर रात दो बेहद जहरीले कॉमन करैत (Common Krait) सांपों के बीच हुई घातक लड़ाई ने स्थानीय लोगों को चौंका दिया। सड़क पर दो सांपों के आपस में लिपटने और एक के दूसरे को निगलने के दृश्य को कई लोगों ने देखा, जिससे तुरंत वन्यजीव प्रेमी ललित बौरासी को सूचना मिली।
घटना का विवरण
मंदाना के मेन बाजार स्थित सेठियों की गली में दो कॉमन करैत एक-दूसरे से लिपटकर संघर्ष कर रहे थे। एक सांप ने दूसरे का मुंह पकड़ लिया और उसे निगलने लगा। इस अजीबोगरीब दृश्य को देख स्थानीय लोग हैरान रह गए और तुरंत ललित बौरासी को बुलाया। बौरासी ने मौके पर पहुंचकर दोनों सांपों को अलग किया और एक बड़े डिब्बे में सुरक्षित रखा।
डिब्बे में जारी संघर्ष
बौरासी के अनुसार, दोनों सांपों को डिब्बे में रखने के बाद भी उनका संघर्ष जारी रहा। शनिवार रात दोनों डिब्बे में मौजूद थे, पर रविवार सुबह जब बौरासी ने उन्हें जंगल में छोड़ने के लिए डिब्बा खोला, तो केवल एक ही सांप मिला। जांच करने पर पता चला कि एक कॉमन करैत ने दूसरे को पूरी तरह निगल लिया था। दोनों सांपों की लंबाई लगभग डेढ़ से दो फीट बताई गई।
कॉमन करैत की विषाक्तता
कॉमन करैत भारत के चार प्रमुख जहरीले सांपों में से एक है। इसका जहर न्यूरोटॉक्सिन से भरपूर होता है, जो सीधे मानव के नर्वस सिस्टम पर असर डालता है। काटने पर मांसपेशियों में लकवा, सांस लेने में कठिनाई और गंभीर मामलों में मृत्यु भी हो सकती है। यह सांप मुख्यतः रात में सक्रिय रहता है और अक्सर सोते हुए लोगों को भी काट लेता है, इसलिए इसे “साइलेंट किलर” कहा जाता है।
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स्थानीय प्रतिक्रिया
सांपों के पकड़े जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली, पर इस अनोखी घटना ने पूरे क्षेत्र में चर्चा को जन्म दिया। कई लोग इस घटना को सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं और वन्यजीव संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाल रहे हैं।
मुख्य बातें
- कोटा के मंडाना कस्बे में दो कॉमन करैत सांपों के बीच रात में घातक लड़ाई हुई।
- एक सांप ने दूसरे को निगल लिया, जिससे डिब्बे में केवल एक ही सांप बचा।
- कॉमन करैत का जहर न्यूरोटॉक्सिन वाला होता है, जो बिना तुरंत इलाज के जानलेवा हो सकता है।
- वन्यजीव प्रेमी ललित बौरासी ने दोनों सांपों को बचाया और डिब्बे में सुरक्षित रखा।
- घटना के बाद स्थानीय लोगों ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की मांग की।
यह घटना न केवल स्थानीय लोगों को चौंकाती है, बल्कि भारत में सांपों के बीच प्राकृतिक संघर्ष के दुर्लभ उदाहरणों में से एक है। वन्यजीव विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए और सांपों को बिना नुकसान पहुँचाए सुरक्षित स्थान पर छोड़ना चाहिए।




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