NCB ने 20 करोड़ की 25 संपत्तियों को फ्रीज किया, 17 आरोपी गिरफ्तार
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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए 20.10 करोड़ रुपये की 25 संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है। इस कार्रवाई में औद्योगिक प्लॉट, दुकानें, कमर्शियल यूनिट और रिहायशी फ्लैट शामिल हैं, जो पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के नेटवर्क से जुड़े थे।
संपत्तियों का विवरण और फ्रीज का आदेश
NCB ने 30 अक्टूबर 2026 को NDPS एक्ट के तहत 2 अक्टूबर को जारी संपत्ति फ्रीज करने के आदेश की पुष्टि की। फ्रीज की गई 25 संपत्तियों की कुल कीमत 20 करोड़ 10 लाख 51 हजार 211 रुपये बताई गई है। इन संपत्तियों में मोहाली के गिल्को इंडस्ट्रियल पार्क, मोहाली सिटी सेंटर-3, मोहाली सिटी सेंटर वॉक, जनता इंडस्ट्रियल एस्टेट, गैलेक्सी हाइट्स-2 और क्वीनस्टाउन जैसी जगहों पर स्थित औद्योगिक और रिहायशी इकाइयाँ शामिल हैं। अब इन संपत्तियों को बिना अनुमति बेचा या किसी दूसरे के नाम ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा।
जांच की शुरुआत और प्रमुख तस्करी नेटवर्क
पूरे मामले की शुरुआत 7 फरवरी 2025 को अमृतसर में 5,000 ट्रामाडोल टैबलेट पकड़े जाने से हुई। टैबलेट पर हरिद्वार की कंपनी जेआर फार्मास्यूटिकल्स का नाम निर्माता और देहरादून की तिवारी मेडिकल एजेंसी का नाम मार्केटर के रूप में दर्ज था, पर जांच में पता चला कि मार्केटिंग कंपनी का कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं था। इसके बाद NCB ने विशेष जांच टीम बनाकर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की कई फार्मा कंपनियों के माध्यम से फर्जी कंपनियों के नाम पर दवाओं की आपूर्ति और अवैध बिक्री का खुलासा किया।
बरामद सामग्री
NCB की जांच में अब तक लगभग 34 लाख साइकोट्रोपिक टैबलेट, कोडीन वाली कफ सिरप की 10.57 लाख बोतलें, 50 हजार ट्रामाडोल इंजेक्शन, मिडाजोलम की 5 हजार शीशियां और लगभग 2,200 किलोग्राम साइकोट्रोपिक पाउडर बरामद किया गया है।
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गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
अब तक 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों में हिमाचल प्रदेश के काला अंब स्थित डिजिटल विजन और वेलिंटन हेल्थकेयर से जुड़े व्यक्तियों भी शामिल हैं। अंबाला कैंट के कोनिक गोयल, मैनिक गोयल और उनके पिता परशोत्तम लाल गोयल अभी फरार हैं; उनकी जमानत याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट से भी खारिज हो चुकी हैं। फ्रीज की गई संपत्तियों में इन व्यक्तियों और उनके परिवार के नाम पर मौजूद संपत्तियां भी शामिल हैं।
मुख्य उद्देश्य
NCB ने बताया कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य न केवल नशीली दवाओं की सप्लाई करने वालों को पकड़ना है, बल्कि उस आर्थिक नेटवर्क को तोड़ना भी है, जिसके माध्यम से तस्करी से कमाए गए पैसे को संपत्तियों में निवेश किया जाता है और फिर आगे के अवैध कारोबार में उपयोग किया जाता है।
- 20.10 करोड़ रुपये की 25 संपत्तियों को फ्रीज किया गया
- संपत्तियों में औद्योगिक प्लॉट, दुकानें, कमर्शियल यूनिट और रिहायशी फ्लैट शामिल
- सात राज्यों में फैला तस्करी नेटवर्क उजागर
- अब तक 34 लाख टैबलेट, 10.57 लाख सिरप की बोतलें और अन्य सामग्री बरामद
- 17 लोगों को गिरफ्तार, 3 प्रमुख आरोपी अभी फरार
- सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिकाएं खारिज की




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