9 वर्षीय बालिका वैर स्टेशन पर अकेली हालत में मिली, आरपीएफ की तत्परता से सुरक्षित पहुंची चाइल्ड लाइन बुलंदशहर के संरक्षण में
बुलंदशहर, 21 अगस्त 2025:
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) खुर्जा द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत एक 9 वर्षीय लावारिस बच्ची को रेस्क्यू कर चाइल्डलाइन बुलंदशहर को सुरक्षित रूप से सौंपा गया। यह बच्ची बीते कई दिनों से अकेले ही वैर रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास भटकती देखी गई थी।
📍 बच्ची की पहचान और परिस्थितियां
दिनांक 20 अगस्त 2025 को आरपीएफ खुर्जा के प्रधान आरक्षक टिंकू चौधरी को वैर स्टेशन पर एक अबोध बच्ची गुमसुम हालत में अकेली घूमती हुई मिली। पूछताछ के दौरान बच्ची ने बताया कि उसके पिता का निधन हो चुका है और उसकी मां गांव के ही किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहने लगी है, जिसने बच्चों को नहीं अपनाया। मां द्वारा छोड़े जाने के बाद वह और उसका भाई बेसहारा हो गए।
बच्ची ने अपना नाम मनीषा पुत्री स्व. राजू, उम्र 09 वर्ष, निवासी गांव निठारी, थाना चोला, जिला बुलंदशहर बताया। उसने बताया कि उसका भाई किसी ग्रामीण के यहां खाना के बदले काम कर रहा है, जबकि उसे किसी प्रकार की मदद नहीं मिल रही थी।
👮♂️ आरपीएफ खुर्जा की कार्यवाही
घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ प्रभारी नंदलाल मीणा के निर्देश पर बच्ची को खुर्जा लाया गया, जहां महिला आरक्षक रचना की उपस्थिति में पूछताछ की गई। उसके बाद उप निरीक्षक आर. के. सिंह द्वारा बच्ची को मेडिकल परीक्षण हेतु ले जाया गया और चाइल्डलाइन बुलंदशहर को सूचित किया गया।
रात्रि करीब 10:30 बजे, चाइल्डलाइन कर्मी रोहित कुमार और कु. गुलिस्ता आरपीएफ थाना, खुर्जा जंक्शन पहुंचे। नियमानुसार आवश्यक दस्तावेजों की कार्यवाही के बाद बच्ची को चाइल्डलाइन की अभिरक्षा में सौंप दिया गया।
💬 समाज के लिए संदेश
आरपीएफ की इस सराहनीय तत्परता और संवेदनशीलता ने एक मासूम को असुरक्षा और भटकाव की स्थिति से बाहर निकालकर संरक्षित वातावरण में पहुंचाया। यह पहल समाज के उन बच्चों के लिए आशा की किरण है जो पारिवारिक और सामाजिक उपेक्षा का शिकार होते हैं।