पंजाब के AAP विधायक सुखबीर सिंह मैसरखाना ने अपनी ही सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
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पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) में अंदरूनी असंतोष की लहर तेज हो गई है। मौड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुखबीर सिंह मैसरखाना ने सोशल मीडिया लाइव के माध्यम से अपनी ही सरकार और पार्टी नेतृत्व पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सरकारी स्कूलों की स्थिति, शिक्षकों की कमी और पार्टी में अपने प्रति व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई और आगे कहा कि आवाज उठाने पर पुलिस कार्रवाई या मामला दर्ज हो सकता है।
शिक्षा‑व्यवस्था में लंबी अवधि की शिकायतें
मैसरखाना ने बताया कि वह कई सालों से अपने निर्वाचन क्षेत्र के सरकारी स्कूलों से जुड़ी समस्याओं को सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने रख रहे हैं, परन्तु अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनका मुख्य आरोप है कि उनके क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षक पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि लगातार मांग उठाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
स्वयं के बच्चे वाले स्कूल में भी कमी
विधायक ने यह भी उजागर किया कि जिस सरकारी स्कूल में उनके अपने बच्चे पढ़ते हैं, वहाँ भी पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार इस मुद्दे को उठाया जा रहा है, तो जमीनी स्तर पर बदलाव क्यों नहीं दिख रहा।
बुर्ज साहिमा गांव के स्कूल का अपग्रेडेशन मुद्दा
बुर्ज साहिमा गांव के सरकारी स्कूल ने अपग्रेडेशन के लिए निर्धारित शर्तें पूरी कर ली थीं, फिर भी उसे अपग्रेड नहीं किया गया, यह उनका दावा है। साथ ही, स्कूल ऑफ एमिनेंस में भी कई जगहों पर स्टाफ की कमी है, जिसके बारे में उन्होंने कई बार संबंधित स्तर पर मांग रखी, परन्तु उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।
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पार्टी के भीतर कथित व्यवहार
शिक्षा‑व्यवस्था के अलावा, मैसरखाना ने पार्टी के भीतर अपने साथ हुए व्यवहार को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में उन्होंने भूमिका निभाई, फिर भी उन्हें लगातार दरकिनार किया गया और कई मौकों पर अपमानित महसूस कराया गया।
तरनतारन चुनाव के दौरान साजिश का आरोप
विधायक ने तरनतारन चुनाव के दौरान अपने खिलाफ कथित साजिश का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान उनसे कहा गया था कि यदि उन्हें कुछ हो जाता है या उनकी मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवार के किसी सदस्य को टिकट दिया जाएगा। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।
भविष्य की संभावनाएँ और संभावित प्रतिक्रिया
मैसरखाना ने आशंका जताई कि सरकार और पार्टी के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई या मामला दर्ज कराया जा सकता है। फिर भी उन्होंने कहा कि वह अपने सिद्धांतों और क्षेत्र की जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। उनका यह सार्वजनिक बयान पंजाब की राजनीति में AAP के भीतर चल रही कथित नाराजगी को और तेज कर रहा है। अब ध्यान इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व विधायक के आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देगा और शिक्षा‑व्यवस्था से जुड़े सवालों का उत्तर कैसे देगा।
मुख्य बातें
- मौड़ विधायक सुखबीर सिंह मैसरखाना ने सरकारी स्कूलों में शिक्षक कमी और अपग्रेडेशन न होने पर अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए।
- विधायक ने कहा कि कई स्कूलों में शिक्षक पद लंबे समय से खाली हैं और उनकी लगातार मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई।
- पार्टी में अपने प्रति व्यवहार को लेकर भी उन्होंने निराशा व्यक्त की, विशेषकर जमीनी स्तर पर योगदान के बावजूद दरकिनार किए जाने का आरोप।
- तरनतारन चुनाव के दौरान अपने खिलाफ साजिश का आरोप लगाया, जिसमें टिकट देने की बात कही गई थी।
- विधायक ने आशंका जताई कि आवाज उठाने पर पुलिस कार्रवाई या मामला दर्ज हो सकता है, परन्तु वे पीछे नहीं हटेंगे।
इन बयानों के बाद AAP के पंजाब नेतृत्व की प्रतिक्रिया और शिक्षा‑व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का समाधान देखना बाकी है।




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