नई दिल्ली। विकसित भारत-ग्राम रोजगार और जीविका मिशन (VB-G RAM G) बिल को दोनों सदनों से पारित किए जाने के बाद इसके बीच गहमागहरी थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी विवाद के बीच कांग्रेस सांसद की अध्यक्षता वाली संसदीय स्थायी समिति ने इस बिल पर विस्तृत समीक्षा के लिए बैठक बुलाई है।
संसदीय समिति ने 29 दिसंबर 2025 को अपनी अगली बैठक बुलाई है, जिसमें मुख्य रूप से ग्रामीण विकास मंत्रालय से नए VB-G RAM G बिल और पुराने MGNREGA योजना के बीच तुलनात्मक जानकारी मांगी जाएगी। समिति में बिल को पारित कर दिए जाने के बावजूद यह समीक्षा इसलिए जरूरी मानी जा रही है ताकि नए कानून की प्राथमिकताओं और प्रभावों पर विस्तृत रूप से चर्चा की जा सके।
चूंकि यह बिल पहले ही संसद द्वारा पारित कर दिया गया है, इसलिए समिति की सिफारिशें बिल पर सीधा असर नहीं डाल सकतीं, लेकिन इससे नीति और कार्यान्वयन पर भविष्य की दिशा तय करने में मदद मिल सकती है।
बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस पार्टी के एक सांसद कर रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि विपक्ष के भीतर जारी गुस्सा और समीक्षा की मांग को अभी भी गंभीरता से देखा जा रहा है। विपक्ष का मानना है कि MGNREGA से जुड़े मूल सिद्धांतों को नए बिल में सही तरीके से नहीं सहेजा गया है
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विवाद क्यों जारी है?
VB-G RAM G बिल, जिसे अक्सर ‘जी राम जी’ बिल के नाम से भी जाना जाता है, पहले ही लोकसभा और राज्यसभा से पारित हो चुका है, लेकिन इसके नाम बदलने, MGNREGA के स्वरूप में बदलाव और राज्यों पर वित्तीय प्रभाव जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष में नाराज़गी है।
कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि इस बिल को बिना पर्याप्त चर्चा और विस्तृत समीक्षा के पारित कर दिया गया, और पुरानी रोजगार गारंटी योजना के मौलिक स्वरूप में परिवर्तन किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर प्रभावों को लेकर लोग चिंतित हैं।
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