नैनीताल में मानसिक रूप से कमजोर युवती के साथ गैंगरेप, 8 महीने की गर्भवती मिली
3 मिनट में पढ़ें

नैनीताल जिले के रामनगर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। मानसिक रूप से अस्थिर 25 वर्षीय युवती को काशीपुर बस अड्डे के पास पेट दर्द से तड़पते हुए पाया गया और डॉक्टरों ने पुष्टि की कि वह लगभग 8 महीने की गर्भवती है। युवती ने बताया कि उसे कई पुरुषों ने गैंगरेप किया था, जिससे वह इस गर्भावस्था की स्थिति में पहुँच गई।
घटना का विवरण
लगभग 8-9 महीने से रामनगर के विभिन्न क्षेत्रों में एक मानसिक रूप से विक्षिप्त युवती घूमती नजर आ रही थी। इस दौरान वह काशीपुर में रोडवेज बस अड्डे के पास दर्द से तड़पती मिली। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश सुयाल को इस बात की सूचना मिलने पर वह अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुँचे। युवती को तुरंत रामनगर के डॉक्टरों को दिखाया गया, जिन्होंने पुष्टि की कि वह गर्भवती है।
हस्पताल में भर्ती और पुलिस को सूचना
मुकेश सुयाल ने युवती को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया और साथ ही इस गंभीर घटना की सूचना पुलिस को दी। युवती ने बताया कि होली के आसपास रामनगर में दो‑तीन व्यक्तियों ने उसके साथ गैंगरेप किया था, जिसके बाद वह इस गर्भावस्था की स्थिति में पहुँची।
पुलिस की कार्रवाई
रामनगर के कोतवाल सुशील कुमार ने मामले को संज्ञान में लिया और बताया कि जांच की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। महिला सेल को भी इस मामले की जानकारी दी गई है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा कि दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आपके लिए संबंधित खबरें
पिछले समान मामलों का संदर्भ
पुलिस ने बताया कि कुछ साल पहले भी इसी जिले में एक विशिप्त महिला के साथ समान प्रकार की दरिंदगी हुई थी, जिससे इस क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मुख्य बातें
- 25 वर्षीय मानसिक रूप से अस्थिर युवती को काशीपुर बस अड्डे के पास दर्द से तड़पते हुए पाया गया।
- डॉक्टरों ने पुष्टि की कि वह लगभग 8 महीने की गर्भवती है।
- युवती ने बताया कि उसे कई पुरुषों ने गैंगरेप किया था।
- सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश सुयाल ने तुरंत मदद की और अस्पताल में भर्ती कराया।
- रामनगर कोतवाल ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है और महिला सेल को सूचित किया गया है।
- पुलिस ने कहा कि दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समाज की प्रतिक्रिया
सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश सुयाल ने इस घटना पर रोष व्यक्त किया और कहा कि ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी घिनौनी हरकत न कर सके।
यह घटना उत्तराखंड के नैनीताल जिले में महिलाओं की सुरक्षा और मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के संरक्षण की आवश्यकता को फिर से उजागर करती है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस से उम्मीद की जा रही है कि वे इस मामले में त्वरित और न्यायसंगत कार्रवाई करेंगे।




टिप्पणियाँ
0