म्यूचुअल फंड में 38,306 करोड़ रुपये का निवेश, एसआईपी रिकॉर्ड स्तर पर
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सितंबर 2026 में म्यूचुअल फंड में कुल 38,306 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि में इक्विटी‑फंडों का बड़ा योगदान रहा, जबकि छोटे‑कैप फंडों में निवेशकों का भरोसा कमज़ोर दिखा।
एसआईपी (Systematic Investment Plan) का रिकॉर्ड स्तर
म्यूचुअल फंड में नियमित निवेश के रूप में एसआईपी ने भी नया उच्चतम स्तर हासिल किया। निवेशकों ने अपने मासिक योगदान को बढ़ाते हुए इस अवधि में कुल 12,500 करोड़ रुपये से अधिक का एसआईपी निवेश किया। यह आंकड़ा पिछले तिमाही की तुलना में 25 प्रतिशत बढ़ा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि निवेशकों का दीर्घकालिक निवेश में भरोसा बढ़ रहा है।
किस फंड पर टूटा भरोसा?
कुल निवेश में वृद्धि के बावजूद, छोटे‑कैप फंडों में निवेशकों का भरोसा कमज़ोर दिखा। छोटे‑कैप इक्विटी फंडों में प्रवाहित राशि पिछले महीने की तुलना में 15 प्रतिशत घटकर 4,200 करोड़ रुपये रह गई। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की अस्थिरता और उच्च जोखिम के कारण निवेशकों ने इन फंडों से दूर रहना शुरू किया।
मुख्य बातें
- म्यूचुअल फंड में कुल निवेश: 38,306 करोड़ रुपये
- निवेश में 30% की वार्षिक वृद्धि
- एसआईपी निवेश रिकॉर्ड स्तर पर, 12,500 करोड़ रुपये से अधिक
- छोटे‑कैप फंडों में निवेश में 15% गिरावट
बाजार पर संभावित प्रभाव
इक्विटी फंडों में निवेश की बढ़ती प्रवृत्ति से बाजार में तरलता में सुधार की संभावना है, जबकि छोटे‑कैप फंडों में गिरावट से इन सेक्टरों में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखने और जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।
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निवेशकों के लिए सुझाव
विशेषज्ञों ने कहा कि निवेशकों को अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम सहनशीलता और निवेश horizon को ध्यान में रखकर फंड चयन करना चाहिए। नियमित एसआईपी के माध्यम से बाजार की अस्थिरता को कम किया जा सकता है, जबकि छोटे‑कैप फंडों में निवेश करने से पहले विस्तृत रिसर्च आवश्यक है।




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