खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: बुलंदशहर में 10 कुंतल नकली पनीर जब्त, निरस्त लाइसेंस के बाद भी रिफाइंड व मिल्क पाउडर से बनाया जा रहा था जहर
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खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: बुलंदशहर में 10 कुंतल नकली पनीर जब्त, निरस्त लाइसेंस के बाद भी रिफाइंड व मिल्क पाउडर से बनाया जा रहा था जहर
बुलंदशहर:
मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। मेरठ मंडल सहित चार जिलों की संयुक्त खाद्य सुरक्षा टीम ने बुलंदशहर की खुर्जा तहसील अंतर्गत ग्राम डाबर में संचालित दो अवैध पनीर फैक्ट्रियों पर अचानक छापेमारी (लाइव रेड) कर भारी मात्रा में मिलावटी सामान बरामद किया।
मौके से भारी मात्रा में मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त
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कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से 10 कुंतल (1000 किलोग्राम) मिलावटी नकली पनीर, 200 किलोग्राम नकली मावा, भारी मात्रा में देसी घी और मिल्क क्रीम जब्त की। इसके साथ ही नकली डेयरी उत्पाद तैयार करने में इस्तेमाल किए जा रहे 175 टीन रिफाइंड तेल और 38 बोरी मिल्क पाउडर भी बरामद किए गए।
रिफाइंड और मिल्क पाउडर से तैयार हो रहा था जहर
मेरठ मंडल के खाद्य विभाग के एडिशनल कमिश्नर विनीत कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इन फैक्ट्रियों में रिफाइंड तेल और मिल्क पाउडर के घातक मिश्रण का उपयोग कर नकली पनीर, मावा और अन्य उत्पाद तैयार किए जा रहे थे, जो सीधे तौर पर आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ है।
लाइसेंस रद्द होने के बाद भी धड़ल्ले से चल रहा था काला कारोबार
एडिशनल कमिश्नर विनीत कुमार ने बताया कि इन दोनों फैक्ट्रियों पर पूर्व में भी छापेमारी की गई थी। उस दौरान लिए गए सैंपलों की जांच रिपोर्ट में उत्पाद ‘अनसेफ’ (असुरक्षित/अमानक) पाए जाने पर विभाग ने इनके लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए थे।
लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण जारी रहने से प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर यह सिंडिकेट किसकी शह पर बेखौफ होकर चल रहा था। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरी के इस खेल में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




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