झारखंड में वोटर लिस्ट SIR की समयसीमा बढ़ी, फाइनल रोल 30 नवंबर को जारी
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झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की समयसीमा फिर से बढ़ा दी गई है। मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के रवि कुमार ने सभी जिला चुनाव पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि 30 नवंबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाए, जिससे कोई पात्र भारतीय नागरिक छूटे नहीं और अपात्र या विदेशी नाम सूची में शामिल न हो सकें।
समय‑सारणी में प्रमुख बदलाव
वोटर लिस्ट से कटे नामों पर दावे और आपत्तियों की सुनवाई 23 नवंबर तक होगी। इसके बाद 24‑29 नवंबर तक आंकड़ों की जांच, अंतिम प्रकाशन और प्रिंटिंग की अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया चलेगी। अंत में 30 नवंबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।
मुख्य चरणों का विवरण
- 22 अक्टूबर तक नो‑मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से संबंधित पहले और दूसरी नोटिस का निस्तारण।
- 31 अक्टूबर तक दूसरी नोटिस के बाद भी दस्तावेज न प्रस्तुत करने वाले वोटरों का सत्यापन और बीएलओ द्वारा घर‑घर कार्रवाई।
- 31 अक्टूबर तक फॉर्म‑6, 6A, 7 एवं 8 से संबंधित सभी दावे‑आपत्तियों का डिजिटाइजेशन।
- 1‑12 नवंबर तक छूटे हुए पात्र नागरिकों के फॉर्म‑6 का होम‑टू‑रोल सत्यापन और डिजिटाइजेशन।
- 1‑21 नवंबर तक निस्तारित नोटिसों की DEO, रोल ऑब्ज़र्वर एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी स्तर पर सुपर‑चेकिंग।
- 23 नवंबर तक सभी SIR‑संबंधित दावे‑आपत्तियों का निस्तारण।
- 24‑29 नवंबर तक मानकों की जांच, अंतिम प्रकाशन एवं प्रिंटिंग की अनुमति प्राप्त करना।
- 30 नवंबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी।
मुख्य बातें
- CEO के रवि कुमार ने सभी जिला चुनाव पदाधिकारियों को समय‑सारणी के अनुसार कार्य करने का निर्देश दिया।
- विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग की कार्यशैली पर लगातार आलोचना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के बीच यह विस्तार हुआ।
- सभी आपत्तियों का सत्यापन, डिजिटाइजेशन और सुपर‑चेकिंग सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत चरण निर्धारित किए गए हैं।
- पात्र नागरिकों के दावे‑आपत्तियों पर नियमानुसार कार्रवाई कर त्रुटिरहित वोटर लिस्ट तैयार की जाएगी।
- कोई भी अपात्र या विदेशी व्यक्ति वोटर लिस्ट में नाम शामिल नहीं कर पाएगा।
प्रमुख अधिकारी के निर्देश
मुख्य चुनाव अधिकारी ने सभी जिला चुनाव पदाधिकारियों को संशोधित समय‑सारणी के अनुसार लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने, पात्र नागरिकों के दावे‑आपत्तियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने और वोटर लिस्ट को त्रुटिरहित बनाने का आदेश दिया।
भविष्य की दिशा
विस्तारित समय‑सारणी के साथ झारखंड चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि 30 नवंबर तक फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित हो, जिससे आगामी चुनावों में मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित हो सके। यह कदम मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को बढ़ावा देगा।




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