JDU ने MLC चुनाव में हार की समीक्षा की, निशांत कुमार को डिप्टी CM बनाने की मांग उठी
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बिहार में मण्डलीय परिषद (MLC) चुनाव में जदयू (JDU) को तीन सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। इस पर राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक बुलाई गई, जिसमें हार के कारणों, संगठनात्मक कमजोरियों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में दो हारे हुए उम्मीदवारों ने भाजपा को जिम्मेदार ठहराया और साथ ही नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाने की मांग भी उठी।
MLC चुनाव में जदयू की स्थिति
विधान परिषद की चार सीटों में से जदयू को केवल पटना स्नातक सीट पर जीत मिली। बाकी तीन सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद पार्टी ने सभी जीतने‑हारने वाले उम्मीदवारों, उनके जिलाध्यक्षों और स्थानीय कार्यकर्ताओं को एकत्रित कर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की।
बैठक की मुख्य चर्चा बिंदु
- हार के कारणों का विश्लेषण – संगठन की कमजोरियां, चुनावी रणनीति में चूक और विपक्षी गठबंधन की ताकत।
- भाजपा को जिम्मेदार ठहराना – दो हारे हुए उम्मीदवारों ने कहा कि भाजपा के गठबंधन और प्रचार ने जदयू की जीत में बाधा डाली।
- निशांत कुमार को डिप्टी CM बनाने की मांग – कई नेताओं ने नीतीश कुमार के बेटे को उपमुख्यमंत्री पद पर रखने के लिए नारे लगाए।
- पार्टी विरोधी कार्य करने वाले नेताओं का निष्कासन – प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि ऐसे नेताओं के खिलाफ जल्द निर्णय लिया जाएगा।
निशांत कुमार पर पार्टी का समर्थन
संजय झा ने निशांत कुमार की पृष्ठभूमि और कार्यशैली पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनके पिता नीतीश कुमार ने 21 वर्षों तक मुख्यमंत्री और 16 वर्षों तक केंद्रीय मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, फिर भी निशांत ने सादगीपूर्ण जीवन जिया। जब पार्टी को उनकी आवश्यकता महसूस हुई, तो उन्हें स्वास्थ्य मंत्री के पद पर नियुक्त किया गया, जहाँ उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए।
निशांत को शुद्ध हृदय, जनसेवा के प्रति समर्पित और दृढ़ निश्चयी कहा गया। कई नेताओं ने कहा कि उनका सरल व्यवहार और समर्पण बिहार के विकास के लिए नया अध्याय लिख सकता है, और इसलिए उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाना चाहिए।
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भाजपा‑जदयू गठबंधन पर स्पष्टता
बैठक से पहले जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भाजपा के साथ गठबंधन को ‘फेविकोल’ की तरह बताया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि दोनों दलों के बीच गठबंधन अभी भी जारी है, लेकिन चुनावी परिणामों पर असंतोष स्पष्ट है।
नीतीश कुमार की जनभेंट
बैठक से पहले नीतीश कुमार ने अपने आवास पर आम लोगों से मुलाकात की। उन्होंने फेसबुक पर इस मुलाकात को साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि यह कार्यसंस्कृति उन्हें एक जनस्वीकार्य नेता बनाती है। इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता को उत्साहित किया, जिससे जदयू के भीतर एकजुटता की भावना बनी रही।
मुख्य बातें
- बिहार MLC चुनाव में जदयू ने केवल पटना स्नातक सीट पर जीत हासिल की; बाकी तीन सीटों पर हार।
- समीक्षा बैठक में दो हारे हुए उम्मीदवारों ने भाजपा को जिम्मेदार ठहराया।
- निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाने की मांग कई नेताओं ने उठाई।
- पार्टी विरोधी कार्य करने वाले नेताओं के निष्कासन पर जल्द फैसला होगा।
- नीतीश कुमार ने अपने आवास पर जनता और कार्यकर्ताओं से आत्मीय भेंट की।
जदयू की यह समीक्षा बैठक आगामी चुनावों में रणनीति बदलने और संगठन को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाने की मांग के साथ-साथ पार्टी के भीतर अनुशासन और गठबंधन की स्पष्टता भी भविष्य की दिशा तय करेगी।




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