नई दिल्ली:भारत ने वेनज़ुएला में जारी राजनीतिक और आर्थिक संकट पर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस संकट को लेकर अपनी गहरी चिंता (deep concern) व्यक्त की है और कहा है कि भारत मानवीय परिस्थितियों पर विशेष ध्यान देगा। मंत्रालय ने सभी पक्षों से संवाद और शांतिपूर्ण समाधान के लिए आग्रह किया है ताकि संकट का हल निकाला जा सके।
MEA की ओर से कहा गया कि भारत अंतरराष्ट्रीय नियमों और संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के भीतर सभी संबंधित देशों के साथ सहयोग जारी रखेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब वेनेज़ुएला में आर्थिक मंदी, राजनीतिक टकराव और सामाजिक अस्थिरता के कारण देश की जनता पर भारी असर पड़ा है।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि भारत का प्राथमिक फोकस वेनज़ुएला के नागरिकों की भलाई और सुरक्षा है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसे हालात जहाँ लोगों के रोज़मर्रा के आधारभूत सुविधाओं पर संकट आ रहा हो, वहाँ भारत को गहरी चिंता है।
MEA ने सभी पक्षों से शांतिपूर्ण बातचीत और संवेदनशीलता का आग्रह करते हुए कहा कि किसी भी संघर्ष का समाधान संवाद से ही संभव है।
विश्लेषकों का कहना है कि वेनेज़ुएला का संकट केवल उस देश तक सीमित नहीं है। इसका असर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और शरणार्थी प्रवाह पर भी पड़ रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। भारत अपनी डिप्लोमेटिक भूमिका के तहत इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए अन्य देशों के साथ सामंजस्य बनाए रखने का समर्थन कर रहा है।
MEA ने कहा कि भारत चाहتا है कि वेनेज़ुएला संकट का समाधान संवैधानिक और शांतिपूर्ण रूप से निकले। इसके लिए सभी हितधारकों को संवाद, सहमति और शांतिपूर्ण उपायों पर ध्यान देना चाहिए। बयान में यह भी कहा गया कि भारत संकट के दौरान भी अपने नागरिकों की सुरक्षा और वहां फंसे भारतीय छात्रों और व्यवसायिक समुदाय की रक्षा के लिए स्थिति पर निगरानी रखे हुए है।
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