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भारत में मिडिल क्लास के लिए घर खरीदना क्यों हो गया मुश्किल? जानिए किफायती घर की चुनौतियाँ और संभावित समाधान
नई दिल्ली/भारत।भारत में मिडिल क्लास परिवारों के लिए घर खरीदने का सफ़र पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। महँगी ज़मीन, बढ़ती ब्याज दरें, निर्माण लागत में उछाल और आर्थिक असमानताओं ने आवास को सिर्फ़ एक सपना नहीं, वास्तविक संकट बना दिया है। विशेषज्ञों और गृहस्थों के मुताबिक यह समस्या केवल संख्या नहीं बल्कि जनजीवन को सीधा प्रभावित कर रही है।
घर खरीदने की सबसे बड़ी बाधाएँ
1. उच्च ब्याज दरें
पिछले कुछ वर्षों में होम लोन की ब्याज दरों में वृद्धि ने कुल लागत को बढ़ा दिया है। इससे मिडिल क्लास परिवारों के लिए क़िस्ते आसानी से भर पाना मुश्किल हो गया है।
2. निर्माण लागत में उछाल
स्टील, सीमेंट, ईंट और अन्य निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि के कारण घर की अनुमानित लागत बढ़ गई है। यह प्रभाव खासकर छोटे और मध्यम आकार के घरों पर सबसे ज़्यादा पड़ा है।
3. भूस्वामित्व और भू-उपयोग नियम
शहरों में सुलभ स्थानों पर ज़मीन की उपलब्धता सीमित हो चुकी है।
- भू-उपयोग (land use) नियम
- अधिक भाड़ा (premium)
- सेक्टरों के मानदंड
- जैसे कारक नए घर खरीदारों के लिए अनिवार्य बोझ बन चुके हैं।
4. बाज़ार की अनिश्चितता
अचल संपत्ति के दामों में उतार-चढ़ाव युवा खरीदारों के लिए असमंजस पैदा कर रहा है। अनुमान के मुताबिक, बड़े शहरों में घर की क़ीमतें आय की तुलना में तेज़ी से बढ़ी हैं, जिससे क़र्ज़ और बचत पर दबाव बढ़ा है।
5. डाक्यूमेंटेशन और अप्रत्याशित शुल्क
होम लोन लेने के लिए
- जाँच रिपोर्ट
- वैल्यूएशन फीस
- प्रोसेसिंग चार्ज
जैसे शुल्कों का बोझ भी अक्सर खरीदारों को सोचने पर मजबूर कर देता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
आवास विशेषज्ञ मानते हैं कि समस्या केवल कम आय वाली आबादी के लिए नहीं है — बल्कि तरलता, निवेश पैटर्न और बुनियादी ढांचे की कमी समग्र रूप से घर खरीदने को चुनौतीपूर्ण बना रही है।
“होम लोन और डिवेलपमेंट मॉडल में सुधार से ही दीर्घकालिक समाधान संभव है,” कहा एक बैंकिंग विशेषज्ञ ने।
सरकार की पहलें और संभावित समाधान
भारत सरकार पहले से ही कुछ आवासीय रिफॉर्म्स पर काम कर रही है:
- PMAY (प्रधानमंत्री आवास योजना): किफायती घरों पर सब्सिडी
- REIT जैसे निवेश विकल्पों का विस्तार
- लोन ब्याज राहत और टैक्स छूट
इन पहलों का उद्देश्य मध्यम वर्ग को घर खरीदने के प्रतिसट और जोखिमों को कम करना है।
मिडल क्लास के लिए अब क्या उम्मीद?
विश्लेषकों का मानना है कि अगर मिडिल क्लास घरों के लिए ज़रूरी वित्तीय और भौतिक संसाधनों तक बेहतर पहुंच पा सकता है।
GB NEWS INDIA | Category: दिल्ली

