नई दिल्ली:भारतीय सेना (Indian Army) में ऑफिसर बनने की ख्वाहिश रखने वाले युवा उम्मीदवारों के लिए SSB (Service Selection Board) एक निर्णायक परीक्षा और इंटरव्यू प्रक्रिया है, जो उनके करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। SSB न केवल उम्मीदवार की बुद्धिमत्ता और फिजिकल फिटनेस परखता है, बल्कि उसकी नेतृत्व क्षमता, मनोवैज्ञानिक स्थिरता और निर्णय क्षमता को भी गंभीर रूप से जांचता है।
SSB का पूरा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय सेना में जो भी अधिकारी शामिल हो, वह शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से सक्षम हो। इसके लिए SSB की प्रक्रिया में कई चरण शामिल हैं, जो उम्मीदवार की सैन्य क्षमता, सामाजिक व्यक्तित्व और टीम में काम करने की योग्यता को परखते हैं।
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SSB के चरण क्या हैं?
SSB में मुख्य रूप से पांच दिनों का कठोर और विस्तृत मूल्यांकन होता है, जिसमें शामिल हैं:
- दिवसीय साक्षात्कार (Screening Test) – प्रारंभिक दस्तावेज जांच और संवादग्रुप टैस्क टेस्ट (GTO Tasks) – टीम वर्क, लीडरशिप और समस्या समाधान जांच
- Psycho Evaluation (मानोवैज्ञानिक परीक्षण) – व्यक्तिगत सोच, व्यवहार और प्रतिक्रिया का आकलन
- इंटर्नल इंटरव्यू – अधिकारी के साथ व्यक्तिगत बातचीत
- फिजिकल एवं स्पोर्ट्स परीक्षण – फिटनेस और सहनशक्ति माप
हर चरण का उद्देश्य उम्मीदवार के अंदर मौजूद नेतृत्व, साहस, आत्मविश्वास और सेना की मानसिकता को परखना है।
SSBClearing की महत्ता
भारतीय सेना में ऑफिसर बनने के लिए SSB को डिफिनिटिव सेलेक्शन प्रोसेस माना जाता है। यहाँ पास होना न केवल एक परीक्षा पास करने जैसा है, बल्कि यह सेना की मानसिकता और व्यावसायिक आदर्शों के अनुरूप स्वयं को ढालने का संकेत देता है।
यही कारण है कि SSB को भारतीय रक्षा सेवाओं में अधिकारी बनने वाला सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।
GB NEWS INDIA | Category: नौकरी

