रायपुर (छत्तीसगढ़)।भारत सरकार के वित्तीय अन्वेषण विभाग Enforcement Directorate (ED) ने छत्तीसगढ़ के तीन जिलों में चल रहे भूमि मुआवज़ा (land compensation) विवाद से जुड़े मामले में मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 9 स्थानों पर छापेमारी की है। अधिकारियों के अनुसार यह तलाशी भारतमाला परियोजना से जुड़े भूमि मुआवजा और भुगतान के लेन-देन के संदिग्ध आरोपों को लेकर है।

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ED के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इन स्थानों पर तलाशी की कार्रवाई का उद्देश्य आपराधिक नेटवर्क, बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और भूमि मुआवजा से जुड़े लेन-देन का लेखा-जोखा इकट्ठा करना है। इनमें सरकारी कर्मचारियों, ठेकेदारों और अन्य संबंधित लोगों के कार्यालय और आवास स्थान शामिल हैं। अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कहीं अनियमित भुगतान या भ्रष्टाचार की स्थितियाँ तो सामने नहीं आ रही हैं।

वित्तीय जाँच एजेंसी का कहना है कि तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की समीक्षा से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किस प्रकार से भूमि मुआवजे की राशि निकासी, वितरण या रिकॉर्डिंग के आधार पर अवैध रूप से स्थानांतरित की गई है या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई उस समय हो रही है जब भारतमाला कार्यक्रम के तहत राज्य में सड़क, राजमार्ग और कनेक्टिविटी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है और इसी से जुड़े भूमि अधिग्रहण और मुआवजे का सत्यापन आवश्यक हो गया है।

छापेमारी क्षेत्र में अधिकारियों ने कहा कि अगर जांच में किसी भी स्तर पर भ्रष्‍टा व्यवहार, असामान्य धन का हस्तांतरण या अवैध मुआवजा वितरण पाया जाता है, तो एजेन्सियाँ क़ानूनी कार्रवाई तेज़ी से आगे बढ़ाएँगी। ED के इस कदम को संपत्ति और भूमि भ्रष्टाचार के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

GB NEWS INDIA | Category: अपराध

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