नई दिल्ली।केंद्र सरकार के Department of Personnel & Training (DoPPW) ने एनपीएस (National Pension System) और Gratuity (ग्रेच्युटी) से जुड़ी एक अहम व्याख्या स्पष्ट की है, जिससे लाखों कर्मचारियों को भविष्य में Gratuity eligibility के बारे में भ्रम से निजात मिल सकती है। इस नई व्याख्या में दूसरी बार Gratuity लेने की स्थिति को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने बताया है कि NPS से रिटायरमेंट के बाद या नौकरी छोड़ने पर मिलने वाली ग्रेच्युटी पर यदि व्यक्ति उसी नियोक्ता के तहत पुनः नियुक्त होता है, तो नई Gratuity के लिए eligibility की स्थिति क्या होगी, इसे विस्तार से स्पष्ट किया गया है। यह clarification Gratuity Act और Pension Rules के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि प्रैक्टिकल में कई मामलों में Gratuity eligibility को लेकर confusion और मुकदमेबाजी देखने को मिलती है।
दूसरी Gratuity का तात्पर्य है कि यदि कोई कर्मचारी किसी संस्थान में सेवा पूरी करके Gratuity प्राप्त कर चुका है और बाद में वही कर्मचारी उसी संगठन में पुनः सेवा में शामिल होता है, तो क्या वह नए सिरे से Gratuity का हक रखता है? DoPPW ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में निम्न बातें ध्यान में रखी जाएँगी:
- Gratuity eligibility उस व्यक्ति की रेकॉर्ड सेवाओं के आधार पर तय होगी।
- दूसरी बार Gratuity लेने से पहले पहले प्राप्त Gratuity का हिसाब लगाया जाएगा।
- यदि कर्मचारी की सेवा में लंबे अंतराल के बाद पुनः उच्च स्तर पर नियुक्ति होती है, तो Gratuity calculation विभिन्न प्रसंगों को देखते हुए ही तय होगी।
यह clarification इसलिए अहम है क्योंकि कई कर्मचारी NPS से रिटायर होने के बाद भी contractual service, re-employment या fresh appointment लेकर फिर से सरकारी या निजी नौकरी में वापस आ जाते हैं। ऐसे मामलों में Gratuity entitlement को लेकर हमेशा विवाद रहा है कि क्या Gratuity दो बार मिल सकती है या नहीं।
DoPPW के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि Gratuity entitlement केवल उस सेवा के आधार पर दी जाएगी, जिसे Gratuity Act के तहत एक continuous service माना जाता है। अलग-अलग service periods को जोड़कर eligibility तय करने पर मान्यता दी जा सकती है, यदि उस नियोक्ता का Employment Rule ऐसा अनुमति देता है।
इस clarification से न केवल सरकारी कर्मचारियों बल्कि निजी क्षेत्र के उन कर्मचारियों को भी लाभ होगा, जो NPS के तहत retirement benefits लेने के बाद अपनी सेवा जारी रखते हैं। अब उन्हें अपने Gratuity calculation और entitlement के बारे में साफ़ नियम और मार्गदर्शन मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्पष्टीकरण एक transparent retirement benefit system की दिशा में बड़ा कदम है, जिससे भविष्य में Gratuity संबंधी litigation के मामलों में कमी आ सकती है।
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