दिल्ली में CEC के खिलाफ प्रदर्शन पर पुलिस ने दर्ज की 27 FIR, 4 भारतीय न्याय संहिता धाराओं का सबसे अधिक उपयोग
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दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से चल रहे विरोध प्रदर्शन में पुलिस ने सात दिनों में 27 FIR दर्ज कीं। इन FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की चार धाराओं का सबसे अधिक प्रयोग हुआ, जिसमें धारा 3(5) प्रमुख थी।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों का INDIA गठबंधन, चुनाव आयोग की कार्यशैली को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहा है। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई कांग्रेस नेताओं के नाम भी FIR में शामिल हुए।
दर्ज FIR में प्रमुख धाराएँ
FIR के आकलन के अनुसार, 27 मामलों में कुल चार भारतीय न्याय संहिता की धाराओं का सबसे अधिक उपयोग किया गया:
- धारा 3(5) – 22 FIR में लागू, जो एक ही इरादे से मिलकर किए गए अपराध में साझा जिम्मेदारी से जुड़ी है।
- धारा 223(A) – 18 FIR में लागू, जो लोक सेवक के आदेश की अवहेलना से संबंधित है।
- धारा 221 – 17 FIR में लागू, जो लोक सेवक के काम में बाधा डालने से जुड़ी है।
- धारा 132 – 17 FIR में लागू, जो लोक सेवक को ड्यूटी करने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल के प्रयोग से संबंधित है।
अन्य लागू धाराएँ
इन प्रमुख चार धाराओं के अलावा, FIR में कई अन्य प्रावधान भी लगाए गए हैं, जैसे:
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- PDPP/DPDP कानून की धारा 3 – 9 FIR में, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी।
- BNS धारा 121/121(1) – लोक सेवक को ड्यूटी करने से रोकने के इरादे से चोट या गंभीर चोट पहुंचाने के लिए।
- BNS धारा 115(2) – जानबूझकर चोट पहुंचाना।
- BNS धारा 126(2) – किसी व्यक्ति का रास्ता गलत तरीके से रोकना।
- BNS धारा 127(2) – बंधक बनाना या आवाजाही पर अवैध रोक।
- BNS धारा 74/75 – महिलाओं के खिलाफ हमला, आपराधिक बल का इस्तेमाल और यौन उत्पीड़न से संबंधित प्रावधान।
- BNS धारा 118(1) – खतरनाक साधनों या तरीकों से चोट पहुंचाना।
मुख्य बातें
- मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में 7 दिनों में 27 FIR दर्ज की गईं।
- इन FIR में भारतीय न्याय संहिता की चार धाराओं का सबसे अधिक उपयोग हुआ।
- धारा 3(5) सबसे अधिक – 22 FIR में लागू।
- धारा 223(A), 221 और 132 क्रमशः 18, 17 और 17 FIR में लागू।
- PDPP/DPDP की धारा 3 भी 9 FIR में शामिल।
- राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई कांग्रेस नेताओं के नाम FIR में दर्ज।
पुलिस की कार्रवाई का संदर्भ
पुलिस ने बताया कि अधिकांश FIR सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान, पुलिसकर्मियों पर हमले, सरकारी काम में बाधा और नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा के उल्लंघन से जुड़ी हैं। विपक्षी दलों ने इन घटनाओं को अराजकता के रूप में वर्णित किया, जबकि पुलिस ने इसे कानून के उल्लंघन के रूप में दर्ज किया।
आगे की संभावनाएँ
इन FIR की जांच जारी है और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की संभावना है। विपक्षी दलों ने प्रदर्शन जारी रखने और CEC के इस्तीफे की मांग को दोहराने का इरादा जताया है, जबकि प्रशासन ने कानून के तहत कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।




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